मोटापा (Obesity) आज एक तेजी से बढ़ने वाली जीवनशैली संबंधित बीमारी है। आयुर्वेद में मोटापा को “स्थौल्य रोग” कहा गया है।
जब शरीर की चर्बी सामान्य सीमा से अधिक बढ़ जाती है, तो यह सिर्फ दिखने में समस्या नहीं बल्कि हृदय, रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड और जोड़ों पर भारी असर डालता है।
मोटापा केवल अधिक खाने से नहीं, बल्कि गलत दिनचर्या, शारीरिक श्रम की कमी, ज्यादा कैलोरी वाले आहार और आनुवंशिक कारणों से भी होता है।
इस लेख में मोटापा के कारण, पहचान, खतरे और घरेलू + आयुर्वेदिक उपायों को एकदम साफ-सुथरे तरीके से Bold में समझाया गया है।
शरीर की ऊँचाई (इंच) जितने हो, उतना वजन (किलो) सामान्य माना जाता है।
इससे अधिक वजन होने पर मोटापा, और इससे कम होने पर कृशता (कमजोरी) कहा जाएगा।
जिन परिवारों में माता-पिता मोटे होते हैं, उनकी संतान में मोटापा जल्दी बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।
पेट भरने के बाद भी खाना, बार-बार स्नैक खाना, मीठी चीजें अधिक लेना।
कम चलना, व्यायाम न करना, दिनभर बैठकर काम करना।
खाने के बाद लेटना, टीवी देखते हुए खाना, देर रात खाना।
आलू, मैदा, तली चीजें, घी-तेल वाला खाना।
थायराइड, PCOD, इन्सुलिन रेज़िस्टेंस।
इसके कारण cortisol हार्मोन बढ़ता है जिससे वजन बढ़ता है।
हाई BP
हार्ट डिज़ीज़
किडनी पर असर
जोड़ों में दर्द
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
डायबिटीज
थकान और कमजोरी
सांस की समस्या
हार्मोनल गड़बड़ी
कब्ज और अपच
इम्युनिटी कमज़ोर
पेट आगे की ओर बढ़ा हो
कुल्हे और नितंब चर्बीदार
जल्दी थकान
सीढ़ियाँ चढ़ने में सांस फूलना
गर्दन, कंधे, छाती पर मोटी परत
कपड़े तंग होना
आयुर्वेद मोटापा को कफ-वृद्धि, मेद-धातु की अधिकता, और अग्नि (पाचन शक्ति) की मंदता से जोड़ता है।
इलाज मुख्यत:
भोजन सुधार + दिनचर्या + व्यायाम + कुछ विशेष पेय + जड़ी-बूटियाँ
पर आधारित है।
आलू
शकरकंद
मैदा
चीनी / मीठा
बिस्किट / नमकीन
तली चीजें
घी-तेल में तला भोजन
कोल्ड ड्रिंक
जूस जिसमें चीनी मिले
फास्ट फूड
सलाद
हरी उबली सब्जियाँ
जौ का आटा
दलिए
मूंग दाल
सूप
ग्रीन टी
गुनगुना पानी
कैसे बनाएं:
1 गिलास गुनगुना पानी
1 नींबू का रस
2 चम्मच शुद्ध शहद
कैसे लें:
सुबह खाली पेट
इसके बाद 20–30 मिनट टहलें
अगर बाहर नहीं जाना चाहें तो घर की छत/आँगन में 30–40 मिनट चलें।
रसदार फल (सेब, पपीता, नारंगी)
या
मट्ठा (मक्खन निकला हुआ)
या
ओट्स
जौ के आटे की 1–2 रोटी
उबली सब्जी
सलाद
दाल या सूप
ताजा फलों का रस
या
ग्रीन टी
हरी उबली सब्जियाँ
जौ की रोटी 1–2
भोजन हल्का रखें
रात को चावल, दही और मीठा न खाएँ।
भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएँ।
रोज 15–20 मिनट योग
सूर्य नमस्कार
कपालभाति
एरोबिक
स्क्वाट
रस्सी कूद
कैसे बनाएं:
रात में 1 चम्मच मेथी भिगो दें
सुबह पानी पी लें
फायदा:
पेट की चर्बी घटाता है
मधुमेह में लाभकारी
कैसे बनाएं:
1 गिलास पानी में ½ चम्मच दालचीनी उबालें
गुनगुना होने पर पिएँ
कैसे लें:
रात को 1 चम्मच गर्म पानी से
पेट साफ रहेगा → वजन तेजी से घटेगा
10 मि.ली. गिलोय रस
थोड़ा नींबू
सुबह खाली पेट
(⚠ केवल चिकित्सक की सलाह से)
त्रिकटु चूर्ण
हिंगवष्टक चूर्ण
कब्ज हर चूर्ण
गुग्गुलु (त्रिफला गुग्गुलु/कांचर गुग्गुलु)
मेधोहर वटी
अभयारिष्ट
दिन में ना सोएँ
खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएँ
तेल-घी कम करें
रोटी कम, सब्जियाँ अधिक
तनाव कम रखें
रोज टहलें
शरीर दुरुस्त और ऊर्जावान लगेगा
त्वचा में निखार आएगा
थकान और कमजोरी दूर होगी
दिल और शरीर दोनों स्वस्थ रहेंगे
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