सोते समय मुंह सूख जाना: कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार और सम्पूर्ण घरेलू समाधान

Apr 22, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
सोते समय मुंह सूख जाना: कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार और सम्पूर्ण घरेलू समाधान

रात में सोते समय मुंह सूख जाना एक ऐसी समस्या है जिसे अधिकतर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे, सुबह उठते ही गला सूखा लगे, मुंह में चिपचिपापन महसूस हो, सांस से दुर्गंध आए, जीभ भारी लगे या बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस हो, तो यह शरीर के अंदर किसी असंतुलन का संकेत हो सकता है।

कई लोग सुबह उठते ही कहते हैं—“रात भर ऐसा लगा जैसे मुंह में बिल्कुल पानी नहीं था।” कुछ लोगों को गले में जलन, बोलने में कठिनाई, होंठ फटना और भोजन निगलने में परेशानी भी होने लगती है। यह केवल एक छोटी असुविधा नहीं है, बल्कि यह शरीर में लार (Saliva) की कमी, डिहाइड्रेशन, मधुमेह, नाक बंद रहने, तनाव, दवाइयों के दुष्प्रभाव या आयुर्वेदिक दृष्टि से वात-पित्त दोष के बढ़ने का संकेत हो सकता है।

आयुर्वेद में शरीर की शुष्कता को गंभीरता से देखा जाता है। मुंह का सूखना केवल मुख की समस्या नहीं बल्कि सम्पूर्ण शरीर की जल संतुलन प्रणाली और पाचन शक्ति से जुड़ा हुआ विषय है। यदि समय रहते इसका उपचार कर लिया जाए, तो यह समस्या आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।

मुंह सूखना क्या है? (Dry Mouth / Xerostomia)

मुंह सूखने की समस्या को आधुनिक चिकित्सा में Dry Mouth या Xerostomia कहा जाता है। यह तब होता है जब मुंह में लार (Saliva) पर्याप्त मात्रा में नहीं बनती।

लार केवल मुंह को गीला रखने के लिए नहीं होती, बल्कि यह—

  • भोजन को पचाने में मदद करती है
  • बैक्टीरिया से सुरक्षा देती है
  • दांतों को सड़ने से बचाती है
  • सांस की दुर्गंध कम करती है
  • स्वाद महसूस करने में मदद करती है
  • भोजन निगलने में सहायता करती है
  • मुंह के संक्रमण से रक्षा करती है

जब लार कम बनने लगती है, तब मुंह सूखने की समस्या शुरू होती है।


सोते समय मुंह अधिक क्यों सूखता है?

दिन के समय हम पानी पीते रहते हैं, बोलते रहते हैं और लार का प्रवाह सामान्य बना रहता है। लेकिन रात में—

  • शरीर आराम की स्थिति में होता है
  • पानी नहीं पिया जाता
  • यदि मुंह से सांस ली जाए तो नमी तेजी से खत्म होती है
  • कुछ लोगों में लार ग्रंथियां रात में कम सक्रिय हो जाती हैं

इसी कारण रात में Dry Mouth की समस्या अधिक महसूस होती है।


सोते समय मुंह सूखने के प्रमुख कारण

1. मुंह खोलकर सोना

यह सबसे सामान्य कारण है।

यदि व्यक्ति नाक की बजाय मुंह से सांस लेता है, तो रातभर हवा मुंह की नमी को सुखा देती है। सुबह उठते ही मुंह बिल्कुल सूखा लगता है।

इसके पीछे कारण हो सकते हैं—

  • नाक बंद रहना
  • साइनस की समस्या
  • एलर्जी
  • खर्राटे
  • टेढ़ी नाक की हड्डी
  • मोटापा

2. शरीर में पानी की कमी (Dehydration)

यदि दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए, ज्यादा पसीना निकले, गर्मी अधिक हो, दस्त हो जाएं या बुखार हो, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है।

इसका पहला असर मुंह की नमी पर दिखता है।


3. अत्यधिक चाय, कॉफी और कैफीन

ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक या एनर्जी ड्रिंक लेने से शरीर डिहाइड्रेट होता है। कैफीन शरीर से पानी बाहर निकालती है।


4. शराब और धूम्रपान

अल्कोहल और Smoking दोनों लार निर्माण को कम करते हैं। धूम्रपान करने वालों में Dry Mouth बहुत सामान्य है।


5. दवाइयों का दुष्प्रभाव

कई दवाइयां ऐसी होती हैं जो मुंह सूखने का कारण बनती हैं—

  • एलर्जी की दवाइयां
  • ब्लड प्रेशर की दवाएं
  • एंटी-डिप्रेसेंट
  • दर्द निवारक
  • मानसिक तनाव की दवाएं
  • सर्दी-जुकाम की दवाइयां

6. मधुमेह (Diabetes)

डायबिटीज में बार-बार प्यास लगना और मुंह सूखना बहुत सामान्य लक्षण है। यदि साथ में बार-बार पेशाब आ रहा हो, थकान हो और वजन कम हो रहा हो, तो जांच जरूरी है।


7. तनाव और चिंता

मानसिक तनाव Nervous System को प्रभावित करता है। इससे लार बनने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।


8. पाचन तंत्र की कमजोरी

आयुर्वेद के अनुसार जब अग्नि (Digestive Fire) कमजोर होती है, तो शरीर में शुष्कता बढ़ती है।


9. बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ लार ग्रंथियों की कार्यक्षमता कम हो जाती है।


10. थायरॉइड या हार्मोनल असंतुलन

कुछ हार्मोनल समस्याएं भी मुंह सूखने का कारण बन सकती हैं।


मुंह सूखने के प्रमुख लक्षण

यदि निम्न लक्षण बार-बार दिखें तो ध्यान दें—

  • सुबह उठते ही मुंह सूखा लगना
  • गले में खराश
  • बार-बार प्यास लगना
  • होंठ फटना
  • जीभ सूखी महसूस होना
  • मुंह में चिपचिपापन
  • बदबूदार सांस
  • बोलने में कठिनाई
  • भोजन निगलने में परेशानी
  • स्वाद कम महसूस होना
  • मुंह में जलन
  • बार-बार मुंह के छाले
  • मसूड़ों की समस्या
  • दांत जल्दी खराब होना

आयुर्वेद के अनुसार मुंह सूखने का कारण

आयुर्वेद में इस समस्या को मुख्यतः वात दोष और पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है।


वात दोष

वात का स्वभाव शुष्क (Dry), रूक्ष (Rough) और ठंडा होता है।

जब वात बढ़ता है—

  • मुंह सूखता है
  • त्वचा सूखती है
  • कब्ज होती है
  • शरीर में कमजोरी आती है

पित्त दोष

पित्त का संबंध गर्मी, जलन और तीव्रता से है।

जब पित्त बढ़ता है—

  • प्यास अधिक लगती है
  • मुंह में जलन होती है
  • गले में सूखापन
  • एसिडिटी
  • अधिक गर्मी महसूस होना

कफ दोष की कमी

कफ शरीर में स्निग्धता और नमी बनाए रखता है। इसकी कमी होने पर Dryness बढ़ सकती है।


आयुर्वेदिक उपचार

अब जानते हैं सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय—


1. त्रिफला चूर्ण

त्रिफला शरीर की सफाई करता है, पाचन सुधारता है और वात-पित्त संतुलित करता है।

सेवन विधि

रात को सोने से पहले
1 चम्मच त्रिफला चूर्ण
गुनगुने पानी के साथ लें।


2. सौंफ और मिश्री

यह मुंह में नमी बनाए रखती है और पाचन भी सुधारती है।

सेवन विधि

भोजन के बाद
1 चम्मच सौंफ + थोड़ी मिश्री चबाएं।


3. मुलेठी

मुलेठी गले और मुंह की सूखापन दूर करने में बहुत लाभकारी है।

उपयोग

मुलेठी का छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसें।


4. नारियल पानी

यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट है और शरीर में जल संतुलन बनाए रखता है।

सेवन

दिन में 1 बार ताजा नारियल पानी पिएं।


5. एलोवेरा जूस

यह पित्त शांत करता है और शरीर की गर्मी कम करता है।

सेवन

सुबह खाली पेट
20–30 ml एलोवेरा जूस


6. देसी घी

घी शरीर की शुष्कता कम करता है।

सेवन

रात में
1 चम्मच देसी घी
गुनगुने दूध के साथ लें।


7. तुलसी पत्ते

तुलसी संक्रमण कम करती है और सांस को ताजा रखती है।

उपयोग

सुबह 4–5 तुलसी पत्ते चबाएं।


8. आंवला

आंवला पित्त शांत करता है और लार निर्माण में सहायक होता है।


9. शहद

शहद मुंह की नमी बनाए रखने में मदद करता है।


10. गिलोय

गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और शरीर की गर्मी संतुलित करती है।


घरेलू उपाय

1. पर्याप्त पानी पिएं

दिनभर में कम से कम
8–10 गिलास पानी जरूर पिएं।


2. सोने से पहले पानी पिएं

लेकिन बहुत अधिक नहीं।


3. रात में तीखा भोजन न करें

तीखा भोजन पित्त बढ़ाता है।


4. AC में Humidifier का उपयोग करें

यह हवा में नमी बनाए रखता है।


5. नाक से सांस लेने की आदत डालें

यह सबसे महत्वपूर्ण उपाय है।


6. धूम्रपान बंद करें

Smoking Dry Mouth की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।


7. चीनी कम करें

ज्यादा मीठा मुंह के बैक्टीरिया बढ़ाता है।


8. नमक कम लें

अधिक नमक शरीर को डिहाइड्रेट करता है।


9. रात में मोबाइल कम देखें

तनाव और नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।


10. योग और प्राणायाम करें

विशेषकर—

  • अनुलोम-विलोम
  • भ्रामरी
  • नाड़ी शोधन

क्या खाना चाहिए?

लाभकारी आहार

  • नारियल पानी
  • खीरा
  • तरबूज
  • खरबूजा
  • छाछ
  • दही
  • मौसमी फल
  • देसी घी
  • मूंग दाल
  • लौकी
  • तोरई
  • पालक
  • दलिया
  • खिचड़ी
  • सादा भोजन

क्या नहीं खाना चाहिए?

परहेज

  • बहुत तीखा भोजन
  • ज्यादा नमक
  • फास्ट फूड
  • तला भोजन
  • अधिक चाय
  • ज्यादा कॉफी
  • शराब
  • सिगरेट
  • कोल्ड ड्रिंक
  • पैकेट जूस
  • अत्यधिक मीठा

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

यदि—

  • रोज सुबह मुंह बहुत ज्यादा सूखता हो
  • मुंह में छाले बनने लगें
  • बोलने में कठिनाई हो
  • निगलने में परेशानी हो
  • बार-बार संक्रमण हो
  • वजन कम होने लगे
  • डायबिटीज की आशंका हो
  • सांस से लगातार बदबू आए
  • होंठ बहुत ज्यादा फटने लगें

तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।


निष्कर्ष

सोते समय मुंह सूखना छोटी समस्या नहीं है। यह शरीर में पानी की कमी, डायबिटीज, पाचन खराब होने, तनाव, दवाइयों के प्रभाव या आयुर्वेदिक दृष्टि से वात-पित्त असंतुलन का संकेत हो सकता है।

यदि सही समय पर कारण पहचान लिया जाए और आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू उपाय, सही आहार और जीवनशैली अपनाई जाए, तो यह समस्या पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है।

त्रिफला, मुलेठी, सौंफ, देसी घी, नारियल पानी, तुलसी और पर्याप्त जल सेवन इस समस्या में बहुत लाभकारी साबित होते हैं।

याद रखें—
“शरीर का सूखापन, शरीर का संकेत है।”

उसे समझिए, नजरअंदाज मत कीजिए।

स्वस्थ दिनचर्या ही सबसे बड़ा उपचार है।


अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी हेतु है। किसी गंभीर समस्या, डायबिटीज, थायरॉइड या लगातार Dry Mouth की स्थिति में योग्य चिकित्सक या आयुर्वेदाचार्य से सलाह अवश्य लें।

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