आज का युग सुविधा का युग है, लेकिन यही सुविधा धीरे-धीरे मनुष्य के फेफड़ों की दुश्मन बनती जा रही है। महानगरों की हवा, कारखानों की गैसें, वाहनों का धुआँ, प्लास्टिक जलाने की जहरीली भाप, घरों में उपयोग होने वाले केमिकल, परफ्यूम, अगरबत्ती, मच्छर मारने वाली दवाएँ — यह सब मिलकर हमारे फेफड़ों को हर दिन विषाक्त बना रहे हैं।
पहले अस्थमा केवल अमीरों की बीमारी माना जाता था, क्योंकि वे शहरों में रहते थे, लेकिन आज गाँवों तक यह पहुँच चुका है। कारण है — बदलता खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर होती रोग प्रतिरोधक शक्ति।
आज का मनुष्य:
समय पर भोजन नहीं करता
अत्यधिक ठंडा और प्रोसेस्ड खाना खाता है
रात में देर तक जागता है
मोबाइल और चिंता में जीता है
प्राकृतिक हवा की जगह एसी में सांस लेता है
इन सबका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है।
एलर्जी वास्तव में शरीर की गलत प्रतिक्रिया है। जब कोई बाहरी पदार्थ (धूल, फूल, भोजन, रसायन) शरीर में प्रवेश करता है, तो शरीर उसे दुश्मन मान लेता है और उसके खिलाफ रसायन छोड़ देता है। यही रसायन श्वास नलियों में सूजन और संकुचन पैदा करते हैं।
इसी कारण:
जुकाम होता है
आंखों में जलन
खांसी
सांस फूलना
और यही आगे चलकर अस्थमा बन जाता है।
आज गेहूँ को भंडारण के समय कीटनाशकों से बचाया जाता है। ये रसायन आटे में मिलकर शरीर में जाते हैं। कई अस्थमा रोगी असल में गेहूँ से नहीं बल्कि इन रसायनों से एलर्जिक होते हैं।
आयुर्वेद कहता है कि अस्थमा केवल फेफड़ों की बीमारी नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के दोष-संतुलन का बिगड़ना है।
कफ + वात = श्वास रोग
कफ नलियाँ बंद करता है, वात हवा को रोक देता है।
कफ को जड़ से खत्म करना
एलर्जी की प्रतिक्रिया रोकना
फेफड़ों को मजबूत बनाना
नसों को स्थिर करना
काम – कफ पिघलाता है, एलर्जी घटाता है, सांस खोलता है
डोज
½ चम्मच + 1 चम्मच शहद
सुबह खाली पेट
रात सोने से पहले
काम – फेफड़े साफ करता है, खांसी मिटाता है
डोज
20 ml + बराबर पानी
सुबह-शाम भोजन के बाद
काम – सांस की नली खोलता है, रात का दमा रोकता है
डोज
15–20 ml + बराबर पानी
दिन में 2 बार भोजन बाद
काम – कफ गलाता है, एलर्जी हटाता है
डोज
5 ग्राम चूर्ण
1 कप पानी में उबालें
आधा रह जाए तो पीएँ
सुबह-शाम
काम – पुराना दमा, बार-बार दौरे
डोज
1 गोली
शहद के साथ
सुबह-शाम
⚠ डॉक्टर से पूछकर
काम – अचानक सांस अटक जाए
डोज
1 रत्ती
अदरक के रस या शहद के साथ
सिर्फ दौरे में
गुनगुना पानी + ½ चम्मच हल्दी
भाप लें (अजवाइन डालें)
✔ शहद
✔ अदरक
✔ लहसुन
✔ सूप
✔ गर्म पानी
✔ काली मिर्च
❌ दही
❌ ठंडा पानी
❌ आइसक्रीम
❌ केला
❌ कोल्ड ड्रिंक
❌ धूम्रपान
अनुलोम-विलोम – 10 मिनट
कपालभाति – 5 मिनट
भ्रामरी – 10 बार
कफ खत्म
एलर्जी कम
सांस साफ
इनहेलर की जरूरत खत्म
फेफड़े मजबूत
अस्थमा कोई लाइलाज रोग नहीं है।
आयुर्वेद शरीर की जड़ ठीक करता है, फेफड़े मजबूत बनाता है और एलर्जी को समाप्त करता है।
Author – Ayurvediya Upchar
(आयुर्वेदिक स्वास्थ्य लेखन, शोध एवं जन-जागरूकता)
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