गिलोय को देशी भाषा में गुरबेल भी कहा जाता है? प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी में मिलाकर या शहद गुड़ या मिश्री के साथ गिलोय का रस मिलकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है। गिलोय ज्वर पीडि़तों के लिए अमृत है, गिलोय का सेवन ज्वर के बाद टॉनिक का काम करता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करता है। . फटी त्वचा के लिए गिलोय का तेल दूध में मिलाकर गर्म करके ठंडा करें। इस तेल को फटी त्वचा पर लगाए वातरक्त दोष दूर होकर त्वचा कोमल और साफ होती है।
गिलोय: इम्युनिटी बढ़ाने की आयुर्वेदिक रामबाण औषधि गिलोय (Giloy), जिसे आयुर्वेद में "अमृत बेल" कहा जाता है, एक शक्तिशाली औषधीय जड़ी-बूटी है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में मदद करती है और कई प्रकार के संक्रमणों से बचाव करती है। --- गिलोय से इम्युनिटी कैसे बढ़ती है?
✅ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर – गिलोय शरीर से विषैले पदार्थ (Toxins) को निकालकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है।
✅ रक्त को शुद्ध करती है – यह खून में मौजूद हानिकारक तत्वों को साफ करके बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है।
✅ श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) को बढ़ाती है – गिलोय संक्रमण से लड़ने वाली रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाती है।
✅ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण – यह सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य संक्रमणों से बचाने में मदद करती है।
✅ पाचन शक्ति बढ़ाती है – स्वस्थ पाचन तंत्र इम्यूनिटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। --- गिलोय का सेवन कैसे करें?
✅ गिलोय का काढ़ा (Giloy Kadha) 5-6 ताजी गिलोय की बेल लें और छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे 2-3 गिलास पानी में उबालें। पानी आधा रह जाने पर छानकर गर्मागर्म पिएं। रोज सुबह खाली पेट पीने से इम्युनिटी तेजी से बढ़ती है।
✅ गिलोय का जूस (Giloy Juice) 2 चम्मच गिलोय जूस रोज़ सुबह खाली पेट लें। इसे गुनगुने पानी या शहद के साथ मिलाकर पिया जा सकता है।
✅ गिलोय की गोलियाँ (Giloy Tablet) 1-2 गोलियां दिन में दो बार गुनगुने पानी या शहद के साथ लें। आयुर्वेदिक स्टोर्स पर पतंजलि, डाबर और बैद्यनाथ जैसी कंपनियों की गिलोय टैबलेट उपलब्ध हैं।
✅ गिलोय पाउडर (Giloy Powder) 1 चम्मच गिलोय पाउडर गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। इसे शहद या हल्दी के साथ मिलाकर लेने से ज्यादा फायदा होता है। --- डेली रूटीन में शामिल करके लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है। सुबह खाली पेट गिलोय पीने से उपरोक्त फायदे होते हैं आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार इसकी कितनी मात्रा लेना चाहिए पूछकर ही लेवें!
At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।