जामुन एक ऐसा फल है जो खाने में अति स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अति गुणकारी भी है, इसे अमीर-गरीब सब ही खाते हैं यह फल गर्मी के-मौसम में ही होता है। फिर भी यह गर्मी का सब से बड़ा शत्रु है।
इस फल की सब से बड़ी विशेषता यह है कि इस के फल, गुठली, जड़ पत्ते तक भी मानव शरीर के लिये बहुत ही लाभकारी है। इसकी तासीर ठंडी है। यह इन सब रोगों के लिये लाभकारी है।
पेचिश-
जामुन की गुठलियों को सुखा कर उन्हें अच्छी तरह से कूट पीसकर बारीक छलनी में छान कर चूर्ण बना लें, इस में थोड़ा सा काला नमक मिला कर पेचिश रोगी को एक चम्मच ताजा पानी के साथ दिन में चार बार दें तो दस्त ठीक हो जाएगा।
जामुन के पेड़ की पत्तियों लेकर उन्हें अच्छी तरह से पीस लें जब वह चटनी का रूप धारण कर लें तो उनमें थोड़ा काला नमक मिला कर उसकी छोटे बेर जितनी गोलियां बना लें, हर पेचिश रोगी को दो गोली पानी के साथ खिलाने से पेचिश को आराम पहुंचेगा।
खांसी और गले की अन्य रोग-
फांसी तो पाचं मिनट अंदर-अंदर ही आदमी को झटके दे कर समाप्त कर देती है लेकिन खांसी तो उसे फांसी तो देती है मगर ऐसी फांसी जो मौत नहीं बल्कि मौत से भी अधिक कष्ट देती है। इस में न तो आदमी सो सकता है न चैन से बैठ सकता है। आओ पहले हम इस कष्ट का उपचार करें।
जामुन के वृक्ष की छाल को अच्छी तरह सुखा कर फिर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें। अब किसी खुले पतीले में आधा किलो पानी में उबालना शुरू करें। जब यह पानी पक कर 100 ग्राम रह जाए तो उसे नीचे उतार कर किसी कपड़े या बारीक छलनी से छानकर थोड़ी सी कूजा मिश्री मिलाकर खांसी वाले रोगी को पिला दें।
दिन में तीन बार सुबह, दोपहर, रात को सोते समय, दस दिन तक यह उपचार करने से खांसी भागेगी गला ठीक हो जाएगा।
गाने वालो के लिये-
जो लोग गायक हैं उनको अपने गले की सफाई करने के लिये जामुन के पेड़ के छिलके का काढ़ा हर रोज़ सुबह उठ कर पीना चाहिए। उनकी आवाज़ का जादू सब को मस्त कर देगा।
शूगर रोग-
शूगर रोग के बढ़ते चरण देखकर इस समय सब लोग ही चिंतित हैं न जाने क्यों यह रोग तेजी से फैल रहा है, कुछ लोग तो बेचारे इतने भयभीत हो चुके हैं कि वे थोड़ा सा मीठा खाने से भी डरते हैं।
डाक्टरों ने तो, अपने धंधे को चलाने के लिये हर आदमी को ही शूगर रोगी बना रखा है, रोगी रोग से तो कम मरते हैं, मगर डाक्टों के डाले वहम से अधिक हजारों रुपयों को दवाइयां खाने के पश्चात् भी जब मैं लोगों को निराश देखता हूं तो मुझे जामुन की याद आती है, जो रोग लाखों रूपये खर्च कर के भी ठीक नही हो पाते वे जामुन की गुठलियों से ठीक हो जाते हैं। जिन गुठलियों को हम कूड़े में फेंक देते हैं वे शूगर जैसे भयकर रोग को ठीक कर दें यह बात कुछ कम आश्चर्यजनक नहीं है, परन्तु कैसे-जामुन की गुठलियों को सुखाकर उनकों कूट पीस कर छान लें अब आप के पास जामुन का चूर्ण तैयार हो गया। इसमें काला नमक पीस कर मिला लें।
एक-एक चम्मच सुबह शाम ताजा पानी के साथ शूगर रोगी को एक मास तक खिलाने से शूगर रोग से आराम आ जाएगा।
जामुन की कोपलें लेकर उन्हें पानी में उबालकर अच्छी तरह से पका लें, जब पानी आधा रह जाए तो उसे नीचे उतार कर उन कोंपलों को अच्छी तरह मसल कर पानी में निचोड़ दें। उस पानी को कपड़े से छान कर शूगर रोगी को दिन में तीन चार पिलाएं तो आराम मिलेगा।
खांसी नज़ला जुकाम-
500 ग्राम जामुन का रस लेकर उसमें दो किलो चीनी मिला कर आंच पर रख कर शक्ति तैयार कर लें। फिर ठंडा होने पर उसे कपड़े या छलनी से छान कर किमी साफ बोतल में भर लें।
जिस किसी को खासी, जुकाम नीम ताने उल्टी होने का रोग हो, उत्ते 100 ग्राम शर्बत एक गिलास पानी में घोल कर पिलाएं तो यह अनेक रोगों का जड़ से उखाड़ को फेंक देता है।
पीलिया-
पीलिया रोगियों को जामुन का शर्बत पिलाएं यदि जामुन का सीजन हो तो, हर रोज सुबह निहार मुंह 250 ग्राम पके हुए जामुन खाने को दें, कुछ ही दिनों में पीलिया ठीक हो जाएगा।
At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।