सर्दियों के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाली मूंगफली केवल स्वाद का साधन नहीं बल्कि स्वास्थ्य का खजाना भी है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही मूंगफली को बेहद पौष्टिक आहार मानते हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ कई रोगों से बचाने में मदद करते हैं।
आज अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में मूंगफली से मक्खन, पनीर, दूध और कई पौष्टिक उत्पाद बनाए जाते हैं। भारत में भी अब लोग इसके स्वास्थ्य लाभों को तेजी से समझने लगे हैं।
करीब 100 ग्राम मूंगफली में पाए जाते हैं:
मूंगफली में मौजूद अमीनो एसिड शरीर की मांसपेशियों और दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मूंगफली को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और ऊर्जा होती है। यह कमजोरी दूर कर शरीर को ताकत देती है।
भोजन के बाद बच्चों को 20 से 50 दाने कच्ची मूंगफली खिलाने से उनकी स्मरण शक्ति बेहतर होती है और शारीरिक विकास तेजी से होता है।
मूंगफली में मौजूद विटामिन E त्वचा को पोषण देता है। इसके नियमित सेवन से:
आयुर्वेद के अनुसार मूंगफली की तासीर गर्म होती है। इसलिए सर्दियों में इसका सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है।
कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम से भरपूर मूंगफली हड्डियों को मजबूती देती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद लाभकारी मानी जाती है।
मूंगफली का तेल हृदय के लिए लाभकारी माना जाता है। इसमें हेल्दी फैट होते हैं जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
ताजी कच्ची मूंगफली को आयुर्वेद में स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लाभकारी बताया गया है। यह दूध बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार मूंगफली:
मानी जाती है।
यह शरीर की रक्तवाहिनियों पर अच्छा प्रभाव डालती है और शरीर को शक्ति प्रदान करती है।
भुनी मूंगफली का चूर्ण और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन कराने से बच्चों की कमजोरी दूर करने में मदद मिलती है।
मूंगफली, बादाम, मिश्री, इलायची और शहद से तैयार मिश्रण का सेवन आंखों की रोशनी और दिमागी कमजोरी में लाभकारी माना गया है।
मूंगफली के तेल में मोम और अन्य औषधियां मिलाकर बनाया गया लेप घावों पर लगाया जाता है।
मूंगफली के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से त्वचा संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है।
यदि शरीर पर चोट लग जाए या सूजन हो जाए तो मूंगफली के तेल की हल्की मालिश लाभकारी मानी जाती है।
मूंगफली के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
हर चीज की अति नुकसानदायक होती है। अधिक मात्रा में मूंगफली खाने से:
की समस्या हो सकती है।
एक बार में पर्याप्त मानी जाती है।
मूंगफली एक सस्ता लेकिन अत्यंत पौष्टिक आहार है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद हो सकती है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को ताकत, त्वचा को चमक और दिमाग को ऊर्जा प्रदान करती है।
यदि आप प्राकृतिक और आयुर्वेदिक तरीके से स्वास्थ्य सुधारना चाहते हैं तो मूंगफली को अपने दैनिक आहार में जरूर शामिल करें।
Author: Ayurvediya Upchar Team
Website: Ayurvediya Upchar
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