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मुंह के छाले: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

Mar 09, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
मुंह के छाले: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

मुंह के छाले (Mouth Ulcers) एक सामान्य लेकिन बहुत परेशान करने वाली समस्या है। जब जीभ, होंठों के अंदर, मसूड़ों, गाल के अंदर या तालू पर छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं तो उन्हें छाले कहा जाता है। ये छाले सफेद या लाल रंग के हो सकते हैं और कई बार गले तक भी फैल जाते हैं।

छाले होने पर खाने-पीने में बहुत दर्द और जलन होती है। कई बार तो पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर बच्चों में यह समस्या ज्यादा परेशान करती है क्योंकि इससे बुखार, लार गिरना और मुंह में सूजन भी हो सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार मुंह के छाले का मुख्य कारण पेट की खराबी, कब्ज, पाचन समस्या और शरीर की अधिक गर्मी होता है। सही आहार, घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक उपायों से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।

इस लेख में हम मुंह के छालों के लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक उपचार और घरेलू नुस्खे विस्तार से जानेंगे।


मुंह के छालों के लक्षण

मुंह के छाले होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं।

1. मुंह में छोटे घाव

जीभ, होंठों के अंदर, मसूड़ों या गाल के अंदर छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं।

2. दर्द और जलन

छालों पर भोजन या पानी लगते ही तेज दर्द और जलन होने लगती है।

3. लाल या सफेद दाग

छाले सफेद या लाल रंग के दिखाई देते हैं।

4. मुंह में सूजन

कई बार पूरे मुंह में सूजन हो जाती है।

5. बच्चों में लार गिरना

छोटे बच्चों में छाले होने पर लगातार लार गिरती रहती है।

6. बुखार

कभी-कभी छालों के साथ हल्का बुखार भी हो सकता है।

7. खाने में परेशानी

मिर्च-मसालेदार या खट्टा भोजन खाने पर दर्द बहुत बढ़ जाता है।


मुंह के छालों के मुख्य कारण

मुंह के छाले कई कारणों से हो सकते हैं। आयुर्वेद में मुख्य कारण पेट की खराबी और शरीर की गर्मी को माना गया है।

1. कब्ज और अपच

छालों का सबसे बड़ा कारण कब्ज या अजीर्ण होता है। जब पेट साफ नहीं होता तो शरीर की गर्मी बढ़ जाती है जिससे मुंह में छाले बन जाते हैं।

2. पेट की गर्मी

ज्यादा मिर्च-मसालेदार भोजन, तला हुआ खाना और गरिष्ठ भोजन पेट में गर्मी बढ़ा देता है।

3. विटामिन की कमी

विशेष रूप से विटामिन B-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C की कमी से भी छाले हो सकते हैं।

4. संक्रमण

बच्चों में बोतल से दूध पीने पर यदि बोतल साफ नहीं हो तो संक्रमण हो सकता है।
इसके अलावा Candida Albicans नामक फंगस से भी छाले हो सकते हैं जिसे थ्रश कहा जाता है।

5. दांतों की समस्या

दांतों में संक्रमण, मसूड़ों की बीमारी या पायरिया होने पर भी छाले बन सकते हैं।

6. कुछ दवाइयों का प्रभाव

कुछ दवाइयों जैसे

  • मर्करी

  • आर्सेनिक

  • बिस्मिथ

  • फेनाबार्बिटोन

  • फॉस्फोरस

का अधिक सेवन भी छालों का कारण बन सकता है।

7. गलत खानपान

निम्न चीजों के कारण भी छाले हो सकते हैं

  • अधिक मिर्च मसाले

  • गरिष्ठ भोजन

  • ज्यादा बाजरा

  • बिना चोकर वाले आटे का अधिक सेवन


मुंह के छालों का आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद में छालों का उपचार तीन प्रकार से किया जाता है

  1. स्थानिक उपचार (Local treatment)

  2. कब्ज दूर करना

  3. शरीर की आंतरिक चिकित्सा


1. स्थानिक उपचार (Local Treatment)

1. बोरो ग्लिसरीन लगाना

सबसे पहले साफ रूई से छालों को साफ करें।
फिर बोरो ग्लिसरीन या इरिमेदादि तेल लगाएं।

2. नमक पानी से कुल्ला

गुनगुने नमक पानी से दिन में 3-4 बार कुल्ला करें।

3. फिटकरी पानी

फिटकरी को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करने से छाले जल्दी ठीक होते हैं।

4. पोटेशियम परमेगनेट पानी

हल्के घोल से कुल्ला करने पर भी संक्रमण कम होता है।


मुंह के छालों के घरेलू उपचार

1. सुहागा और शहद

सुहागा को तवे पर फुलाकर पीस लें।
एक चुटकी सुहागा शहद में मिलाकर दिन में 2-3 बार छालों पर लगाएं।

2. नीम के पत्ते

नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करें।

3. अमरूद के पत्ते

अमरूद के पत्ते उबालकर उससे कुल्ला करने से दर्द और सूजन कम होती है।

4. मेथी पानी

मेथी को पानी में उबालकर उसमें 3-4 बूंद लहसुन का रस डालकर कुल्ला करें।

5. चमेली के पत्ते

चमेली के पत्ते चबाने से छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं।

6. बबूल की छाल

बबूल की छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से छालों में आराम मिलता है।

7. नींबू पानी

गर्म पानी में नींबू निचोड़कर कुल्ला करने से मुंह साफ रहता है।


कब्ज दूर करने के उपाय

छालों का मुख्य कारण कब्ज होता है इसलिए कब्ज दूर करना जरूरी है।

1. एरण्डी तेल

आधा चम्मच एरण्डी का तेल गर्म दूध में मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है।

2. शहद और नींबू

गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना लाभदायक है।

3. ईसबगोल

रात में सोने से पहले 2-4 चम्मच ईसबगोल दूध के साथ लें।

4. त्रिफला चूर्ण

रात को त्रिफला चूर्ण लेने से पेट साफ रहता है और छाले जल्दी ठीक होते हैं।


आयुर्वेदिक दवाएं

1. खदिरादि वटी

दिन में 3-4 बार 1-2 गोली चूसने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।

2. गुलकंद

सुबह-शाम 1-2 चम्मच गुलकंद खाने से शरीर की गर्मी कम होती है।

3. आंवला मुरब्बा

आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत है जो छालों को जल्दी ठीक करता है।

4. आरोग्यवर्धिनी वटी

डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन भी लाभदायक है।


मुंह के छालों में क्या खाना चाहिए

छाले होने पर हल्का और पौष्टिक भोजन करना चाहिए।

खाने योग्य चीजें

  • खिचड़ी

  • दलिया

  • दही

  • हरी पत्तेदार सब्जियां

  • अंकुरित दालें

  • अंजीर

  • मुनक्का

  • पपीता

  • खीरा

  • तरबूज

  • ककड़ी

ये सभी पाचन सुधारते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं।


मुंह के छालों में क्या नहीं खाना चाहिए

छालों के दौरान कुछ चीजों से बचना चाहिए।

परहेज

  • ज्यादा मिर्च मसाले

  • तला हुआ भोजन

  • गरिष्ठ भोजन

  • बहुत गर्म खाना

  • ज्यादा खट्टे पदार्थ

ये चीजें छालों की जलन और दर्द को बढ़ा सकती हैं।


मुंह के छालों से बचने के उपाय

यदि आप इन आदतों को अपनाते हैं तो छालों से बच सकते हैं।

1. पेट साफ रखें

कब्ज होने न दें।

2. पानी ज्यादा पिएं

दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं।

3. संतुलित आहार लें

हरी सब्जियां और फल नियमित खाएं।

4. मुंह की सफाई रखें

दिन में दो बार ब्रश करें।

5. विटामिन युक्त भोजन लें

विटामिन B और C युक्त आहार जरूर लें।


निष्कर्ष

मुंह के छाले एक सामान्य समस्या है लेकिन यह बहुत दर्दनाक हो सकती है। अधिकतर मामलों में इसका कारण कब्ज, पेट की गर्मी, विटामिन की कमी और गलत खानपान होता है।

आयुर्वेद में इसके लिए कई प्रभावी घरेलू उपाय बताए गए हैं जैसे सुहागा-शहद, नीम के पत्ते, बबूल की छाल, त्रिफला और गुलकंद। साथ ही हल्का भोजन और सही जीवनशैली अपनाने से छालों से जल्दी राहत मिलती है।

यदि छाले बार-बार हो रहे हों या लंबे समय तक ठीक न हों तो किसी योग्य चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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