"फालसा (Phalsa) – शरीर की गर्मी, प्यास और पाचन के लिए आयुर्वेदिक शीतल फल"

May 23, 2025
फलों से चिकित्सा
"फालसा (Phalsa) – शरीर की गर्मी, प्यास और पाचन के लिए आयुर्वेदिक शीतल फल"

फालसा को भारतीय शर्बत बेरी कहा जाता है। फालसा फल दिखने में भले ही छोटा हो लेकिन इसके फायदे बड़े हैं। फालसा दिखने में ब्लूबेरी या ब्लैक करंट जैसा होता है; यह गहरे लाल-बैंगनी रंग का बेरी है जो लगभग ब्लूबेरी जैसा ही दिखता है । और इस फल को खाने के क्या फायदे हैं? फालसा में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है

फालसा देस। बोरी के छोटे-छोटे बोरों की भांति मौसमी फल है। काले नीले रंग के फालसे अधिकतर स्वाद में खरा मिठे होते हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है, परन्तु मानव शरीर के अंदर की सफाई करने में फालसा बहुत ही लाभकारी फल है, इसके गुण इस प्रकार है।


रक्त प्रदर रोग से मुक्ति दिलाए-


रक्त प्रदर के रोगियों के लिये फालसे के वृक्ष के जड़ की शाल को सुखा कर, पीस कर 12 ग्राम की मात्र में शाही चावलों के मांड के साथ लेने रक्त प्रदर रोग ठीक हो जाता है।


शरीर की गर्मी को दूर करे-


फालसा यदि हर रोज 100 ग्राम सुबह उठ कर खाया जाए तो शरीर की सारी गर्मी दूर हो जाती है। खून साफ होकर नया खून पैदा होता है। भूख खूब लगती है।


पेट रोगों के लिये


पेट रोगों के लिये फालसा हर रोज सुबह उठ कर निराहार मुंह पिया जाए तो पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं।

फालसा (Phalsa) एक मौसमी फल है जो गर्मियों में खासतौर पर भारत और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Grewia asiatica है। यह एक छोटा, बेर जैसा फल होता है जो हल्के खट्टे-मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है।

फालसा के फायदे (Benefits of Phalsa):

  1. गर्मी से राहत:
    फालसा का शरबत शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाता है।

  2. पाचन में सहायक:
    इसमें मौजूद फाइबर और एसिड पाचन क्रिया को सुधारते हैं।

  3. ब्लड सर्कुलेशन में मददगार:
    यह खून को साफ करने और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता है।

  4. एंटीऑक्सीडेंट गुण:
    इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।

  5. डायबिटीज़ में फायदेमंद:
    सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

  6. त्वचा के लिए लाभकारी:
    इसका सेवन त्वचा को निखारने और मुंहासों को कम करने में मदद करता है।

  7. सांस संबंधी समस्याओं में उपयोगी:
    फालसा कफ और सांस की तकलीफों में राहत देने वाला फल माना जाता है।


फालसा खाने का तरीका:

  • कच्चा या पका हुआ खाया जा सकता है।

  • शरबत बना कर पीना सबसे लोकप्रिय तरीका है।

  • सलाद में मिलाया जा सकता है।

सावधानियाँ:

  • अत्यधिक मात्रा में सेवन करने पर पेट दर्द या एसिडिटी हो सकती है।

  • ठंड के मौसम में या जिन लोगों को सर्दी-जुकाम जल्दी होता है, उन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।

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