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"सेब (Apple) – रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम फल"

May 23, 2025
फलों से चिकित्सा
"सेब (Apple) – रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम फल"

ईश्वर के खज़ाने का यह अनमोल रतन विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रे में ही पैदा होता है, ऊपर से इसका रंग लाल, हरा, गुलाबी, पीला होता है। आकार कोई विशेष बड़ा नहीं बल्कि बच्चों की गेंद की भांति छोटा बड़ा होता है।


सेब खाने में मीठा तया खट्टा मीठा होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें शक्तिशाली केल्शियम पाई जाती है। जिसकी पहचान आपकी इसी बात से होगी कि एक सेब को चार टुकड़ों में काट कर रख दें। एक घटें के पश्चात् उन्हें उठा कर देखेंगे तो उन टुकडो का रंग बदला नजर आएगा। ऐसा क्यों हुआ ?इसलिये सेब के अंदर जो कैल्शियम (आयरन) था। वह निकलकर बाहर आ गई। इसी आहार की तो मानव शरीर की जरूरत होती है। हमारे शरीर को शक्तिशाली बनाने वाली यही कैल्शियम है जो सेब के अंदर सब से अधिक होती है।


सेब के अंदर मैल्कि एसिड नाम का एक पदार्थ होता है जो हमारी अंतड़िया जिगर तथा मस्तिष्क को शक्ति देता है। इसमें लोह तत्व अधिक होते हैं जिन से हमारा शरीर अधिक शक्ति प्राप्त करता है। इन्हीं से हमारा खून अधिक मात्र में खून पाता है। जिससे हमारे शरीर के अंदर की कमजोरी दूर हो जाती है। इस छोटे से सेब में इतने गुण हैं कि मैं बताते थक जाऊंगा परन्तु फिर भी यह गुण पूरे नहीं बताए जा सकते।


सेब द्वारा हम जिन रोगों का उपचार कर सकते हैं।


हृदय रोग-


दिल कमजोर होता है तो उसे अनेक रोग पकड़ लेते हैं। इसलिये, सेब का मुरब्बा (एक नग) हर रोज़ सुबह उठ खाली पेट लेने से दिल की हर बीमारी दूर भाग जाती है।


स्मृण शक्ति-


बहुत से लोग दिमागी तौर पर कमजोर होते हैं, वैसे भी आज के युग में हर इन्सान को चिंताओं ने घेर रखा है। जिसका प्रभाव उनकी स्मृण शक्ति पर अधिक पड़ता है। ऐसे लोगो को दो सेब (छिलके वाले) सुबह गाए के दूध के साथ चालीस दिन तक खाने से आपकी स्मृण शक्ति तेज हो जाएगीं और इसके साथ ही शारीरिक शक्ति भी बढ़ेगी।


खांसी-


खांसी का रोग जब पुराना हो जाता है तो टी. बी. रोग बन जाता है। इसलिये आप की खांसी के बारे में चौकसी रखनी होगी जैसे ही खांसी शुरू हो तो-


सुबह उठते ही सेब के जूस का एक गिलास मिश्री मिलाकर पोलें, और इसे एक मास तक निरंतर पीते रहें इससे खांसी भी दूर हो जाएगी शरीर में नयी शक्ति भी पैदा होगी।नजता, जुकाम, फ्लू-


यह सारे रोग फेफड़ों से ही पैदा होते हैं, जुकाम और नजले का डाक्टरों के पास कोई उपचार नहीं है, भले ही वे इस बारे में कितनी भी दवाइयां दे दें, परन्तु फिर भी यह रोग इन्सान को तंग करते रहते हैं।


ऐसे रोगियों को खाना खाने के पश्चात् एक सेब छिलके वाला ही खाना चाहिए। मैं समझता हूं जब तक बाजार में सेब मिलता रहे। उसे खाने के पश्चात् खाते रहें, इससे आपके स्वास्थ्य को खूब लाभ पहुंचेंगा। खांसी, नजला, जुकाम जैसे रोगों से भी छुटकारा मिल जाएगा।


सिर दर्द-


सिर दर्द के रोगियों को सेब पर काला नमक लगा कर हर रोज सुबह के समय एक सेब खाना चाहिए। इससे सिर दर्द ठीक हो जाएगा।


अधिक प्यास लगना-


जिन लोगों को बार-बार प्यास लगती हो उन्हें चाहिए कि सेब का रस सुबह उठकर पीना शुरू कर दें। इससे प्यास का रोग भी जाता रहेगा और सेहत भी बनेगी।


हाई ब्लैड प्रेशर-


जिन लोगों के दिल की धड़कनें सदा तेज रहती हों समझ लें कि वे उच्च रक्त चाप रोगी हैं। यदि वे हर सुबह उठकर दो सेब गाए के दूध के साथ खाना शुरू कर दें तो उन्हें इस रोग से मुक्ति मिल जाएगी।


पेट रोगों में सेब का उपयोग-


डाक्टरों, हकीमों का यह मत गलत नहीं है, कि इन्सान के सबसे अधिक रोग पेट की खराबी से ही पैदा होते हैं, इसलिए सबसे पहले हमें अपने पेट की ओर ध्यान देना चाहिए। सेब हमारी बहुत सहायता कर सकता है।


"कैसे और किसलिये"


सेब तो एक है रोग अनेक हैं, इसलिये मैं आप को बताता हूं कि सेब का उपयोग कैसे किया जाए,


छोटे बच्चो के दस्त-


अक्सर बच्चे जब दांत निकालने लगते हैं तो उन्हें, पेट रोग के कारण दस्त लग जाते हैं जिनके कारण वे काफी कमजीर हो जाते हैं। इस हालत में उन्हेंडाक्टरी दवाओं से दूर रखते हुए बच्चों को एक-एक घंटे के पश्चात् दो-दो चम्मच दवाई देते रहें तो उसे दस्तों से आराम आएगा तथा कमजोरी भी दूर होगी।


यदि दस्तों का रोग बहुत पुराना हो तो सेब को बिना छोले ही दिन में चार पांच बार लेने से यह रोग समाप्त हो जाता है।


सेब को छील कर उसके छिलकों को एक ओर रखें फिर उसके


छोटे-छोटे टुकड़े काट कर दूध में उबालते रहें जब दूध उबल


कर आधा रह जाए तो उसे नीचे उतार कर ठंडा कर लें, अब स्वांसी


के रोगी को आधा-आधा कप दूध एक-एक घंटे के पश्चात् पिलाना शुरू कर दें इससे हर प्रकार की खांसी को आराम मिलेगा।


कब्ज से मुक्ति- जो लोग खाली पेट सेब खाते हैं, उन्हें कभी भी कब्ज़ नहीं होती। जो लोग


खाना खाने के बाद सेब खाते हैं उन्हें कब्ज़ होती है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों के कब्ज रहती हो उन्हें सेब छिलके सहित खाना चाहिए और जिनकी दस्त लगे हो उन्हें सेब छीलकर खाना चाहिए।


पेट के कीड़ो को मारे-


अक्सर बच्चो के पेट में कीड़े पैदा होते हैं जिनके कारण बच्चो की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे रोगियों को रात को सोते समय एक सेब तथा बड़ों के लिये दो सेब काटकर खिलाए तो सुबह के समय टट्टी में यह कीड़े अपने-आप बाहर आकर मर जाएंगे।


भूल न लगे तो-


छुट्टी सेब का रस निकाल कर (एक गिलास) फिर उसमें थोड़ी सी मिश्री मिला कर रोगी को पिला दें बस दस दिन के पश्चात् आपको खूब भूख लगेगी।


सुन्दरता की रक्षा करे-


जो लोग अपने चेहरे को सुन्दर बनाए रखना चाहते हैं उन्हें एक सेब को लेकर अच्छी तरह से पीस लेना चाहिए। इस तरह से वह गुथे हुए आटे की भाति बन जाएगा। इसे रात को सोते समय पर मुंह पर लेप की भाति लगा लें। सुबह उठकर जब पानी से साफ करेंगे तो आपका चेहरा सुन्दर कोमलनजर आएगा।


बवासीर के मस्से-


इस रोग में खट्टे सेब का रस निकालकर उन मस्सों पर लगाने से एक मास के अंदर मस्से ठीक हो जाते हैं।


शराब छुडाएं-


जो लोग शराब पी पी कर अपने स्वास्थ्य का नाश कर रहें हैं उन्हें शराब छोड़ने का रास्ता नहीं मिल रहा उनके लिये यह जरूरी है कि वे जब भी शराब पीना चाहें तो उसी समय शराब के स्थान पर पके हुए सेब के रस को पी लें।


धीरे-धीरे उनकी शराब पीने की आदत छूट जाएगी उसके स्थान पर सेब का रस पीना शुरू कर देंगे शराब से तो सेहत बिगड़ती थी परन्तु सेब के रस से वह सेहत बनेगी।


पथरी रोग का उपचार-


अति कष्ट दायक रोगों में पथरी का नाम पहले ही नम्बर पर आता है। क्योंकि इससे पेशाब करने में जो रूकावट पैदा होती है। उससे गुर्दे में भंयकर दर्द उठता है।


पथरी रोग के लिये, सेब का रस रोज सुबह उठकर पीते रहने से पथरी अपने आप ही घुलकर बाहर निकल जाती है।


कमज़ोरी दूर करे-


हर रोज सुबह उठकर दो सेब गाए के दूध के साथ लेने से शरीर की सब कमजोरी दूर हो जाती है। शरीर में चुस्ती आती है। छोटे मोटे अनेक रोग अपने आप समाप्त हो जाते हैं।

सेब के फायदे (Benefits of Apple):

  1. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
    सेब में फाइबर और फ्लैवोनॉइड्स होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल कम करके दिल को स्वस्थ रखते हैं।

  2. पाचन तंत्र को सुधारता है:
    इसमें घुलनशील फाइबर (soluble fiber) होता है, जो कब्ज में राहत देता है।

  3. वजन घटाने में सहायक:
    सेब पेट को भरा रखता है जिससे ओवरईटिंग नहीं होती और वज़न नियंत्रित रहता है।

  4. ब्लड शुगर नियंत्रित करता है:
    इसमें लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर होता है जो शुगर के स्तर को संतुलित करता है।

  5. त्वचा के लिए लाभकारी:
    इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो त्वचा को चमकदार और झुर्रियों से मुक्त रखते हैं।

  6. दाँतों की सफाई में सहायक:
    सेब चबाने से लार का निर्माण बढ़ता है जो दाँतों को साफ करता है और कैविटी से बचाता है।

  7. इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है:
    विटामिन C और फाइटोन्यूट्रिएंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करते हैं।


सेब के उपयोग:

  • कच्चा खाया जा सकता है।

  • जूस, स्मूदी, पाई, जैम, सलाद और डेसर्ट में इस्तेमाल होता है।

  • बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए आदर्श फल।

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