ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें एक साथ नहीं खाना चाहिए

Dec 24, 2025
आरोग्य साधन
ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें एक साथ नहीं खाना चाहिए

 भूमिका (Introduction)

हम रोज़ जो भोजन करते हैं, वह केवल पेट भरने का साधन नहीं बल्कि स्वास्थ्य का आधार है।
आयुर्वेद के अनुसार कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनका एक साथ सेवन करना शरीर के लिए ज़हर समान हो सकता है। इन्हें “विरुद्ध आहार (Viruddha Ahara)” कहा गया है।

ऐसे बेमेल खाद्य पदार्थ एक साथ खाने से—

  • पेट दर्द

  • गैस, एसिडिटी

  • त्वचा रोग

  • एलर्जी

  • पाचन गड़बड़ी

  • यहाँ तक कि गंभीर रोग भी हो सकते हैं

 आइए जानते हैं आयुर्वेद में बताए गए 15 खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, जिन्हें भूलकर भी एक साथ नहीं खाना चाहिए।


 विरुद्ध आहार क्या होता है? (What is Viruddha Ahara?)

आयुर्वेद में विरुद्ध आहार उस भोजन को कहते हैं—

  • जिसकी प्रकृति (तासीर) एक-दूसरे के विपरीत हो

  • जो अलग-अलग पचता हो

  • जो मिलकर दोषों (वात, पित्त, कफ) को बिगाड़ दे

 ऐसा भोजन शरीर में आम (toxins) बनाता है, जो रोगों की जड़ होता है।


⚠️ आयुर्वेद के अनुसार 15 बेमेल खाद्य संयोजन

1️⃣ खिचड़ी + खीरा

खिचड़ी गर्म होती है और खीरा ठंडा।
➡️ साथ खाने से पेट दर्द और गैस होना आम है।


2️⃣ अंगूर + शहद

दोनों की पाचन प्रक्रिया अलग-अलग होती है।
➡️ साथ सेवन से तेज़ पेट दर्द हो सकता है।


3️⃣ दूध + शराब  (अत्यंत खतरनाक)

आयुर्वेद में इसे महाविरुद्ध आहार माना गया है।
➡️ गंभीर विषाक्तता, लीवर डैमेज और जानलेवा स्थिति भी बन सकती है।


4️⃣ चावल + सिरका

➡️ पेट में अम्लता, अपच और दस्त की संभावना।


5️⃣ शहद + घी (समान मात्रा) 

➡️ आयुर्वेद में इसे विष समान बताया गया है।
➡️ लंबे समय में न्यूरोलॉजिकल समस्या (फालिज) का खतरा।


6️⃣ खरबूजा + दही

➡️ दोनों का पाचन समय अलग।
➡️ साथ खाने से तेज़ पेट दर्द


7️⃣ पनीर + दही

➡️ कफ बढ़ता है।
➡️ कोलिक पेन (आंतों में तेज़ दर्द) हो सकता है।


8️⃣ शहद + खरबूजा

➡️ पेट में फर्मेंटेशन
➡️ गैस और दर्द।


9️⃣ मूली + शहद

➡️ रक्त दोष और पाचन समस्या।


 लहसुन / प्याज खाने के बाद दूध

➡️ दूध और प्याज-लहसुन की तासीर विपरीत।
➡️ त्वचा रोग और पेट गड़बड़ी


1️⃣1️⃣ मछली + दूध / शहद / गन्ने का रस ⚠️

➡️ आयुर्वेद में इसे त्वचा रोग और कुष्ठ (कोढ़) से जोड़ा गया है।


1️⃣2️⃣ दही + अंडा / इमली

➡️ अत्यधिक कफ और पित्त विकार।
➡️ एलर्जी, अपच, पेट दर्द


1️⃣3️⃣ खट्टा खाने के बाद लस्सी / शर्बत

➡️ पाचन अग्नि कमजोर होती है।
➡️ पेट रोग बढ़ते हैं


1️⃣4️⃣ केला + दही / लस्सी ⚠️

➡️ आयुर्वेद में इसे हैजा-सदृश स्थिति का कारण माना गया है।


1️⃣5️⃣ घी + तेल

➡️ दोनों वसा हैं लेकिन पाचन अलग।
➡️ भारीपन और लीवर पर दबाव


 आयुर्वेदिक सलाह (Ayurvedic Tips)

✔️ भोजन सरल और सादा रखें
✔️ फल हमेशा अलग समय पर खाएं
✔️ दूध को अकेले पिएं
✔️ खाने के तुरंत बाद ठंडा पेय न लें
✔️ ऋतु और पाचन शक्ति के अनुसार भोजन करें


 Disclaimer (महत्वपूर्ण सूचना)

यह लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों व सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है।
किसी भी गंभीर रोग या लक्षण की स्थिति में योग्य आयुर्वेदाचार्य या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।


लेखक परिचय (Author Bio)

लेखक: आयुर्वेदिया उपचार टीम
अनुभव: आयुर्वेदिक स्वास्थ्य, घरेलू नुस्खे और प्राकृतिक चिकित्सा पर शोध
वेबसाइट: AyurvediyaUpchar.com
हमारा उद्देश्य है— प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान को सरल भाषा में आप तक पहुँचाना।

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