बहुमूत्र रोग (Frequent Urination) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

Nov 28, 2025
घरेलू नुस्खे
बहुमूत्र रोग (Frequent Urination) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

बहुमूत्र (Polyuria) एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति को सामान्य से कहीं अधिक बार पेशाब जाना पड़ता है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि रोगी को प्रति 20–30 मिनट में पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होती है। रात्रि में पेशाब के लिए बार-बार उठने से नींद खराब हो जाती है और शरीर में थकावट, कमजोरी व मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।
आयुर्वेद में इस रोग को मूत्रवह स्रोतस की विकृति कहा गया है और इसका सीधा संबंध वात, पित्त, तथा मूत्राशय (Bladder) की मजबूती से होता है।

बहुमूत्र केवल एक लक्षण है, इसके पीछे कई कारण होते हैं — जैसे पेट में गर्मी, मधुमेह, किडनी की कमजोरी, मूत्राशय में संक्रमण, मानसिक तनाव, असंतुलित भोजन, दवाओं के दुष्प्रभाव आदि। आयुर्वेद इस रोग का मूल कारण पहचानकर जड़ से उपचार प्रदान करता है।


बहुमूत्र रोग कैसे होता है? (Causes)

बहुमूत्र रोग के कारण समझना उपचार का पहला चरण है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में इसके प्रमुख कारण निम्न प्रकार से माने जाते हैं:

1. मूत्राशय की कमजोरी

वात दोष बढ़ने से मूत्राशय सिकुड़ता है और बार-बार पेशाब का संकेत देता है।

2. अधिक पानी या चाय-कॉफी का सेवन

अत्यधिक तरल पदार्थ मूत्र निर्माण बढ़ाते हैं।

3. अधिक पित्त (Heat)

गर्मी बढ़ने से पेशाब पतला, बार-बार और तेज जलन वाला होता है।

4. मधुमेह (Diabetes)

डायबिटीज रोगियों में पेशाब अधिक बनता है।

5. किडनी की विकृति

फिल्ट्रेशन बढ़ने पर पेशाब अधिक आता है।

6. नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी

मस्तिष्क और मूत्राशय के बीच सिग्नल ठीक से न जाएँ तो Urgency बढ़ जाती है।

7. चिंता और तनाव

तनाव सीधे नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे Frequent Urination बढ़ता है।

8. अधिक ठंडे पदार्थों का सेवन

ठंडे पदार्थ मूत्रल (Diuretic) होते हैं — जैसे नारियल पानी, तरबूज, खीरा, एलोवेरा जूस आदि।

9. दवाओं का साइड इफेक्ट

Blood pressure की कुछ दवाएँ भी पेशाब बढ़ाती हैं।


बहुमूत्र रोग के लक्षण (Symptoms)

  • बार-बार पेशाब जाना

  • रात में 3–8 बार पेशाब के लिए उठना

  • पेशाब का दबाव अचानक बढ़ना

  • पेशाब करने के बाद भी अधूरा लगना

  • कमर व कूल्हों में दर्द

  • शरीर में कमजोरी

  • पेशाब पतला और अधिक मात्रा में

  • कुछ मामलों में जलन भी हो सकती है

यदि पेशाब में झाग आए, बहुत मीठी गंध आए या अत्यधिक जलन हो तो यह डायबिटीज या इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।


आयुर्वेद में बहुमूत्र रोग का उल्लेख

वात दोष बढ़ने से—

  • मूत्राशय की ताकत कम होती है

  • नाड़ी संस्थान कमजोर होता है

  • मांस व स्नायु धातु का शोष होता है

  • बार-बार पेशाब जाने की प्रवृत्ति बढ़ती है

इसलिए आयुर्वेद में उपचार का मुख्य लक्ष्य:
✔ पाचन सुधारना
✔ वात-पित्त संतुलित करना
✔ मूत्राशय की क्षमता बढ़ाना
✔ नाड़ी-तंत्र को मजबूत करना


बहुमूत्र रोग के सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपचार

आइए अब विस्तार से उन नुस्खों और औषधियों को समझें जिन्हें आपने भेजा था, और जिन्हें आयुर्वेद में अत्यंत प्रभावी माना गया है।


1. आंवला–हल्दी–शहद–चंद्रप्रभा वटी योग

(सबसे तेज असर करने वाला घरेलू नुस्खा)

सामग्री:

  • आंवले का रस – 10 ग्राम

  • हल्दी – 2 ग्राम

  • शहद – 5 ग्राम

  • चंद्रप्रभा वटी – 2 गोली

विधि:

सभी को मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें।
अब इसे तीन बराबर हिस्सों में बाँटकर फ्रिज में रख दें।

सेवन विधि:

  • हर 8 घंटे पर एक हिस्सा

  • दिन में तीन बार

इस नुस्खे का लाभ:

✔ मूत्राशय की पेशियों को मजबूत करता है
✔ मूत्र की बार-बार आने वाली प्रवृत्ति शांत करता है
✔ सूजन और गर्मी को कम करता है
✔ पेशाब को नियंत्रित करता है

कई रोगियों में मात्र 2–3 दिनों में प्रभाव दिखना शुरू हो जाता है।


2. बहुमूत्रांतक रस + बसंत कुसुमाकर रस + चंद्रप्रभा वटी

(बहुमूत्र रोग की क्लासिक आयुर्वेदिक दवा)

विधि:

तीनों को समान मात्रा में लेकर एक महीन चूर्ण बना लें।

खुराक:

  • 1 से 3 रत्ती (125–375 mg)

  • शहद के साथ

  • सुबह और शाम

लाभ:

  • मूत्राशय को मजबूती

  • किडनी में सूक्ष्म स्तर पर सुधार

  • मधुमेह-जनित बहुमूत्र में विशेष लाभ

  • जलन, कमजोरी और झनझनाहट कम करता है

यह दवा बहुमूत्र रोग में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है, क्योंकि यह मूल कारण को ठीक करती है।


3. सफेद तिल + अजवाइन + गुड़ लड्डू

(रात्रि सेवन हेतु अत्यंत उपयोगी उपाय)

सामग्री:

  • सफेद तिल – 100 ग्राम

  • गुड़ – 50 ग्राम

  • अजवाइन – 15 ग्राम

तिल को हल्का भूनकर, गुड़ और अजवाइन के साथ मिलाकर लड्डू बना लें।

सेवन:

  • सोते समय 1 लड्डू रोज खाएँ

लाभ:

✔ मूत्राशय को गर्माहट देकर इसकी कार्यक्षमता बढ़ाता है
✔ बार-बार पेशाब की समस्या घटती है
✔ 7 दिनों में अच्छा सुधार
✔ पेशाब में ठंडापन और अधिकता कम

अजवाइन वात नियंत्रित करती है, तिल शरीर को बल देती है, और गुड़ पाचन सुधारता है — इसीलिए यह संयोजन इतना असरदार है।


4. आंवला बीज + काला तिल + गुड़ लड्डू (20 दिनों का कोर्स)

सामग्री:

  • आंवला बीज की गिरी – 150 ग्राम

  • काले तिल (भुने हुए) – 500 ग्राम

  • गुड़ – 150 ग्राम

लड्डू बना कर 20 दिन का कोर्स तैयार करें।

सेवन:

  • सुबह 1 लड्डू

  • शाम 1 लड्डू

लाभ:

✔ मूत्रमार्ग की कमजोरी दूर
✔ मूत्रवह स्रोतस मजबूत
✔ बार-बार पेशाब से होने वाली थकान खत्म
✔ 20 दिनों में उल्लेखनीय लाभ


आयुर्वेदिक जीवनशैली एवं आहार (Lifestyle & Diet Tips)

क्या खाएँ?

  • गरम पानी

  • फूला चावल

  • गेहूँ की रोटी

  • तिल का लड्डू

  • छाछ (हल्की)

  • बेल का शरबत

  • मूंग दाल

  • हल्का भोजन

क्या न खाएँ?

  • बहुत ठंडे पेय

  • नारियल पानी

  • खीरा, तरबूज

  • बहुत मीठा

  • तला-भुना

  • अधिक चाय/कॉफी


योग और प्राणायाम

बहुत फायदेमंद आसन:

  • पवनमुक्तासन

  • मंडूकासन

  • भुजंगासन

  • वज्रासन

प्राणायाम:

  • अनुलोम-विलोम

  • भ्रामरी

  • डीप ब्रीदिंग

ये मूत्राशय की नाड़ियों और स्नायु-मांसपेशियों को बल देते हैं।


कब डॉक्टर को दिखाएँ?

  • पेशाब में बहुत जलन

  • खून आना

  • झागदार पेशाब

  • मधुमेह के लक्षण

  • बहुत अधिक कमजोरी


निष्कर्ष

बहुमूत्र रोग परेशानी भरा जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह ठीक होने वाली अवस्था है। आयुर्वेद में इसका उपचार मुख्य रूप से—
✔ पाचन सुधारकर
✔ वात-पित्त संतुलित करके
✔ मूत्राशय को मजबूत बनाकर
✔ जड़ी-बूटियों से नसों को शक्तिशाली बनाकर
किया जाता है।

ऊपर दिए गए चारों नुस्खे बहुमूत्र रोग के सबसे प्रभावी और आजमाए हुए आयुर्वेदिक उपाय हैं।
इन्हें नियमित रूप से लेने पर रोगी कुछ ही दिनों में राहत महसूस करता है और 20–30 दिनों में यह समस्या लगभग समाप्त हो सकती है।

Recent Posts

Fatty Liver Ka Safaya: 7 Dino Mein Liver Detox Karne Ka Complete Ayurvedic Guide

Feb 01, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

AYURVEDIYAUPCHAR

At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।

All categories
Flash Sale
Todays Deal