भारत में सहजता से मिलने वाला पौधा आति कंटकाकीर्ण / पीतपुष्पा (कांटेदार पौधा) डायबिटीज में उपयोगी माना जाता है।
पीतपुष्पा की मुलायम पत्तियाँ — 7
सफेद मिर्च (काली मिर्च का पका स्वरूप) — 7 दाने
तुलसी पत्ते (श्यामा या राम तुलसी) — 7 पत्ते
पत्तों को चाकू से काटें (स्पर्श बहुत कष्टकारी होता है)
तुलसी व सफेद मिर्च मिलाएं
सिल-बट्टे पर पानी के साथ बारीक पीसें (मिक्सी नहीं!)
पतला घोल बनाकर सूती कपड़े से छानें
सुबह-शाम भोजन से आधा घंटा पहले
लगातार 10 दिन
अनुभवजन्य मान्यता: इस प्रयोग से मधुमेह (डायबिटीज) में लाभ देखा गया है।
सुबह खाली पेट, शौच के बाद
1 सेव पर हल्का नमक लगाकर खाएं
अगले 1 घंटे तक कुछ न खाएं
कुछ दिनों तक दोहराएं
बीज रहित मुनक्का 10 नग, कपूर 1 ग्राम → बारीक पीसकर 8 गोलियां
सुबह सूर्योदय से पहले 2 गोली, फिर हर 2 घंटे में 2-2 गोली
12 बजे तक 8 गोलियां पूरी हो जाएं
एक प्रयोग से लाभ, आवश्यकता हो तो तीसरे दिन दोहराएं
सौंफ 1 तोला, पानी 40 तोला — ठंडाई की तरह घोटें
मिश्री मिलाएं
शोरा 1 माशा बारीक पीसकर फँकी लगाएं
अब यह ठंडाई पिलाएं
पेशाब साफ आने में मदद मिलती है
1 किलो सौंफ के 7 भाग
1 भाग को रात में मिट्टी के कुल्हड़ में भिगोकर सुबह छानकर मिश्री मिलाकर पिएं
शाम के लिए दोबारा यही प्रक्रिया
नमक कम, खटाई-गरम चीजें बंद
7 दिन पथ्य पालन
सौंफ 9 माशा,
सौठ 3 माशा,
मिश्री 1 तोला — बारीक पीसकर रखें
दिन में 3 बार गर्म पानी से लें
अधिकांश प्रकार की बदहजमी शांत हो जाती है
छोटी हरड़ 5 तोले — घी में भूनें
5 तोला सौंफ चूर्ण मिलाएं
दोनों को मिलाकर 10 तोला खांड डालें
1–1.5 तोला मात्रा दिन में 3 बार → पानी या मांड (चावल का पानी) के साथ
पहले मल की गांठें गिरेंगी, फिर पेचिश शांत होगी
सौंफ 6 माशा — पोटली बनाएं
आधा शेर दूध में पकाएं, 2–3 उबाल
छानकर थोड़ी खांड मिलाएं
उल्टी में राहत मिल सकती है
⚠ गर्भावस्था में किसी भी नुस्खे का प्रयोग डॉक्टर/दाई की सलाह से करें
| उपाय | कैसे करें |
|---|---|
| सत्यानाशी + दही | बीज दही में भिगोकर अगली सुबह दाद पर लगाएं |
| कच्चा पपीता दूध | दाद पर लगाएं |
| लहसुन लेप | कूटकर दाद वाली जगह रगड़ें |
| आक का दूध + शहद | लेप बनाकर लगाएं |
| गंधक + मिट्टी का तेल | घिसकर लगाएं (सावधानी: ज्वलनशील) |
त्रिफला चूर्ण — 1 चम्मच,
गुनगुना पानी — 1 गिलास
रात को सोने से पहले त्रिफला को पानी के साथ लें।
➡ आंतों को साफ रखने में मदद मिलती है, पुरानी कब्ज में भी लाभ।
वैकल्पिक:
सुबह खाली पेट 1 चम्मच घी + 1 चम्मच शहद + गुनगुना पानी
➡ पुरानी कब्ज में राहत देने वाला लोकप्रिय घरेलू उपाय।
जीरा — 1 चम्मच
धनिया — 1 चम्मच
सौंफ — 1 चम्मच
सबको हल्का भूनकर पाउडर बनाएं और 1 चम्मच मात्रा
➡ गुनगुने पानी के साथ दिन में 2 बार
➡ पेट में जलन, खट्टी डकार, भारीपन और गैस में राहत
✔ बुजुर्ग
✔ डायबिटीज वाले लोग
✔ पाचन संबंधी समस्या वाले
✔ पारंपरिक नुस्खे खोजने वाले
✔ घरेलू उपाय चाहने वाले
यह सभी नुस्खे अनुभवजन्य व पारंपरिक ज्ञान पर आधारित हैं।
चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं।
अगर दवा चल रही है या बीमारी गंभीर है तो आयुर्वेद डॉक्टर / चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
कुछ जड़ी-बूटियाँ प्रेग्नेंसी, BP, शुगर, ब्लड थिनर दवाओं के साथ इंटरैक्ट कर सकती हैं।
Author: Ayurvediya Upchar Team
Updated: 27/12/2025
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