बढ़ती उम्र में याददाश्त की कमी: कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपाय, आहार व घरेलू नुस्खे

Dec 27, 2025
घरेलू नुस्खे
बढ़ती उम्र में याददाश्त की कमी: कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपाय, आहार व घरेलू नुस्खे

Author: Ayurvediya Upchar Team
Updated: Dec 2025


परिचय: उम्र बढ़े पर याद्दाश्त क्यों घटती है?

प्रकृति का नियम है कि समय के साथ शरीर की प्रत्येक क्रिया में परिवर्तन आता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है—त्वचा पर झुर्रियाँ आती हैं, बाल सफ़ेद होते हैं, दृष्टि कमजोर होती है, पाचन धीमा होता है—उसी तरह मस्तिष्क की स्मरण शक्ति, ग्रहण शक्ति और एकाग्रता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
यह प्रक्रिया सामान्य है, लेकिन आजकल समस्या यह है कि याद्दाश्त की कमी सिर्फ बुजुर्गों में नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों में भी देखने को मिल रही है।

आयुर्वेद के अनुसार बुद्धि तीन तरह की होती है:
1️⃣ श्रुति / ग्रहण शक्ति (Retention Power) — जो सुनी या देखी बात को ग्रहण करती है।
2️⃣ धारणा शक्ति (Absorption Power) — जो ग्रहण की गई बात को दिमाग में बैठाती है।
3️⃣ स्मृति शक्ति (Recall Memory) — जो संचित ज्ञान को आवश्यकता पड़ने पर याद दिलाती है।

इन तीनों में कमी का नाम है – याद्दाश्त की कमी।
आधुनिक जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन और असंतुलित भोजन इसके बड़े कारण हैं।


याददाश्त की कमी कैसे महसूस होती है?

बहुत लोग कहते हैं — “मुंह तक बात आती है पर याद नहीं आती…” यह स्मृति शक्ति कम होने का संकेत है।
कुछ सामान्य लक्षण:

  • नाम, तारीख या नंबर भूल जाना

  • चीज़ें रखने के बाद जगह भूल जाना

  • पढ़ा हुआ कुछ ही मिनट में याद न रहना

  • बातचीत में शब्द याद न आना

  • काम में ध्यान न लगना

  • फोन के बिना किसी नंबर की कल्पना न कर पाना

  • बार-बार चीजें चेक करना (दरवाज़ा बंद किया या नहीं?)


आधुनिक वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि बढ़ती उम्र में दिमाग में न्यूरॉन्स के बीच के कनेक्शन धीमे हो जाते हैं

  • Acetylcholine की कमी — याददाश्त घटने का मुख्य कारण

  • Blood Flow कम होना — मस्तिष्क को पोषण कम पहुंचता है

  • Brain Shrinkage (Hippocampus) — याद रखने वाले हिस्से का सिकुड़ना

  • Free Radicals Damage — कोशिकाएँ कमजोर होती हैं

यह प्रक्रिया स्वाभाविक है, मगर उचित पोषण, व्यायाम और दिनचर्या इसे धीमा कर सकती है।


आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: स्मृति क्यों घटती है?

आयुर्वेद में मन और शरीर एक-दूसरे से जुड़े हैं।
तीन दोषों में वात का बढ़ना मस्तिष्क पर नकारात्मक असर डालता है।

  • अत्यधिक चिंता, तनाव, अनियमित दिनचर्या → पाचन कमजोर

  • पाचन कमजोर → रसधातु कमजोर

  • रसधातु कमजोर → बुद्धि और ओज कमजोर

आयुर्वेद कहता है:

जहाँ पाचन अच्छा, वहाँ बुद्धि प्रखर।
इसलिए याददाश्त का इलाज सिर्फ दिमाग नहीं, पूरे शरीर को संतुलित करना है।


मुख्य कारण (Core Causes)

1️⃣ शारीरिक कारण

  • नींद कम होना

  • बढ़ती उम्र

  • रक्त संचार कम

  • पोषण की कमी

  • हार्मोनल बदलाव

2️⃣ जीवनशैली कारण

  • देर रात सोना

  • सुबह देर तक सोना

  • तनाव, चिंता

  • ज़्यादा स्क्रीन टाइम

  • शारीरिक गतिविधि का अभाव

3️⃣ आहार संबंधी कारण

  • तले-भुने भोजन

  • जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक

  • ज्यादा शक्कर

  • कृत्रिम स्वाद वाले खाद्य

4️⃣ मानसिक कारण

  • लगातार मल्टीटास्किंग

  • सोशल मीडिया एडिक्शन

  • सूचना का बोझ (Information overload)


 2000 वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक स्मृति बढ़ाने वाली विधियाँ

आयुर्वेद में कई ऐसे नुस्खे हैं जो बुद्धि, स्मृति और एकाग्रता को बढ़ाते हैं।
ये उपाय निरंतर 40–60 दिन करने पर अच्छे परिणाम देते हैं।


✔️ 1. गाय का दूध + गाय का घी + मिश्री

कैसे लें:
रात को 1 गिलास गर्म गाय का दूध, उसमें

  • 1 चम्मच गाय का घी

  • 1 चम्मच मिश्री

फायदा:

यह मिश्रण मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोषण देता है और न्यूरॉन्स कनेक्शन मजबूत करता है।
दिमाग शांत होकर स्मृति बेहतर होती है।


✔️ 2. ब्राह्मी + बादाम + इलायची + काली मिर्च मिश्रण

सामग्री:

  • ब्राह्मी हरी — 10 ग्राम

  • बादाम की गिरी — 10 ग्राम

  • इलायची — 3 नग

  • काली मिर्च — 3 नग

तरीका:
इन्हें पीसकर गुनगुने दूध में मिलाएँ और पिएँ।

विशेष:
ब्राह्मी स्मृति-वर्धक (Medhya Rasayana) है — प्राचीन काल से बुद्धि बढ़ाने के लिए दी जाती रही है।


✔️ 3. बादाम + सौंफ + मिश्री पाउडर

(स्कूल बच्चे भी ले सकते हैं)

कैसे बनाएं:
तीनों चीज़ें बराबर मात्रा में पीसकर रखें।
1 चम्मच सुबह-शाम दूध से।

फायदा:

आँखें + दिमाग — दोनों को मजबूती देता है।
Online पढ़ाई वाले बच्चों के लिए श्रेष्ठ।


✔️ 4. मुलहठी पाउडर

1 ग्राम दूध से रोज़
गला साफ़, मन शांत, स्मृति स्पष्ट।


✔️ 5. अखरोट + दूध

अखरोट का आकार स्वयं दिमाग जैसा होता है — और यह Brain-Friendly Omega-3 का स्रोत है।
10 ग्राम अखरोट खूब चबाएँ → ऊपर से दूध पिएँ।


✔️ 6. पेठा मिठाई + दूध

सुबह नाश्ते में लें।
दिमाग ठंडा, मन शांत, स्मृति सुदृढ़।


 क्या खाएँ? (Pathya) — 100% Memory Friendly Diet

दूध और दूध से बने पदार्थ

  • खीर, बादाम का हलवा, दूध, लस्सी (दोपहर में)

दिमाग के लिए ड्राई फ्रूट्स

  • बादाम → Vitamin E

  • अखरोट → Omega-3

  • काजू → Magnesium

  • किशमिश → Iron

दालें

  • मूंग दाल

  • मसूर दाल

सब्जियाँ और फल

  • पालक, मैथी, बथुआ

  • पपीता, अमरूद, सेब, अनार, संतरा, अंगूर

हर दिन कम से कम 4 रंगों के फल-सब्जी — दिमाग का ईंधन!


 क्या न खाएँ? (Apathya) — Memory Killers

  • उड़द, राजमा (गैस → दिमाग बोझिल)

  • दही रात को

  • शराब, सिगरेट, तंबाकू

  • अत्यधिक मिर्च-मसाले

  • दिन में सोना

  • बार-बार जंक फूड

जो पचता नहीं, वह चढ़ता नहीं → दिमाग तक पोषण पहुँचता नहीं।


 जीवनशैली (Vihar) — Brain Friendly Habits

जो करें (Do)

  • प्रातः भ्रमण — रक्त संचार बढ़ता है

  • नारियल तेल की मालिश — नसों को पोषण

  • ठंडे जल से स्नान — ताजगी

  • सूर्य नमस्कार — संपूर्ण व्यायाम एवं मस्तिष्क ऑक्सीजनेशन

जो न करें (Don’t)

  • देर तक सोना

  • रात 12 बजे के बाद जागना

  • भूख से ज्यादा खाना

  • चिड़चिड़ापन, तनाव


 स्मृति बढ़ाने वाले योगासन एवं प्राणायाम

योगासनलाभ
बालासनदिमाग को आराम
भुजंगासनऊर्जा बढ़ाए
ताड़ासनशरीर सक्रिय
पवनमुक्तासनपाचन सुधरे
सूर्य नमस्कारपूर्ण व्यायाम

प्राणायाम:

  • अनुलोम-विलोम

  • कपालभाति

  • भ्रामरी

सिर्फ 10 मिनट प्राणायाम = पूरा दिन दिमाग तारो-ताज़ा।


 दिमाग तेज़ करने वाली मानसिक आदतें

  • हर दिन 10 नए शब्द याद करें

  • चेस, सुडोकू, पजल खेलें

  • डायरी लिखें

  • किताबें पढ़ें

  • गणित का मानसिक अभ्यास

  • एकाग्रता ध्यान (Tratak)


 बच्चों में याददाश्त कैसे बढ़ाएँ?

  • पढ़ाई के 25 मिनट बाद 5 मिनट का ब्रेक

  • सोने से पहले दिन की पढ़ाई की पुनरावृत्ति

  • सुबह बादाम दूध

  • स्क्रीन टाइम कम

  • रात 10 बजे तक सोना

सीखने का गोल्डन टाइम – सुबह 4:30 से 7:00


⚠️ कब डॉक्टर से मिलें?

अगर—

  • बातें बिल्कुल याद न रहें

  • घर का रास्ता भूल जाएँ

  • व्यवहार बदल जाए

  • शब्द भूलने की समस्या बढ़ जाए

यह माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट या डिमेंशिया का संकेत भी हो सकता है।


 सारांश (Summary)

समस्या            कारण            समाधान
याददाश्त कमजोरी          पाचन, नींद, तनाव        दूध-घी, ब्राह्मी
ध्यान कममोबाइल, स्क्रीन टाइम      योग + सूर्य नमस्कार
चीजें भूलनामानसिक थकान      बादाम + अखरोट
दिमाग सुस्तव्यायाम कमप्राणायाम

 अंत में एक महत्वपूर्ण बात

याददाश्त सिर्फ दिमाग की बीमारी नहीं — यह पूरी जीवनशैली का प्रतिबिंब है।
नींद, आहार, व्यायाम और मन — चारों संतुलित हों तो दिमाग तेज़, याददाश्त मजबूत और जीवन सक्रिय।

Recent Posts

Fatty Liver Ka Safaya: 7 Dino Mein Liver Detox Karne Ka Complete Ayurvedic Guide

Feb 01, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

AYURVEDIYAUPCHAR

At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।

All categories
Flash Sale
Todays Deal