हर्निया (Hernia) का आयुर्वेदिक उपचार: कारण, लक्षण, प्रकार, घरेलू उपाय

Nov 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
हर्निया (Hernia) का आयुर्वेदिक उपचार: कारण, लक्षण, प्रकार, घरेलू उपाय

हर्निया (Hernia) आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ने वाली पेट–संबंधी समस्याओं में से एक है। यह धीरे-धीरे विकसित होने वाली वह स्थिति है जिसमें शरीर का कोई आंतरिक अंग जैसे आँत (Intestine), पेट का हिस्सा (Stomach) या वसायुक्त ऊतक (Fat Tissue) अपनी प्राकृतिक जगह से बाहर निकलकर कमजोर मांसपेशियों को चीरते हुए उभर आता है।

दिखने में यह समस्या एक छोटा सा उभार लगती है, लेकिन यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है — खासकर तब जब यह "फँस" जाए और खून का संचार बंद कर दे (Strangulated Hernia)।

आयुर्वेद में हर्निया का संबंध मुख्यतः वात वृद्धि, अग्नि मंद्यता, धातु कमजोरी, मांसपेशियों के ढीलापन, और गलत जीवनशैली से जोड़ा गया है।

इस में आप जानेंगे:

  • हर्निया क्या है?

  • इसके प्रकार

  • आधुनिक कारण

  • आयुर्वेदिक कारण

  • लक्षण और संकेत

  • जटिलताएँ

  • Ayurvedic Treatment

  • पाचन और वात संतुलन

  • घरेलू उपाय

  • तेल-चिकित्सा

  • आहार और निषेध

  • हर्निया-पेशेंट के लिए योग

  • कब सर्जरी अनिवार्य है

  • बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में हर्निया

आइए शुरू करते हैं…


अध्याय 1: हर्निया क्या है? (What is Hernia?)

हर्निया एक ऐसी अवस्था है जिसमें शरीर की मांसपेशियों या ऊतकों की दीवार (Muscle Wall) में कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी के कारण अंदर का अंग बाहर की ओर उभर आता है।

यह उभार —
✔ खड़े होने पर बढ़ जाता है
✔ लेटने पर कम हो जाता है
✔ खांसने, झुकने और वजन उठाने पर दर्द करता है

हर्निया शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन सबसे अधिक यह पेट, नाभि, कमर और जांघ के पास पाया जाता है।


अध्याय 2: हर्निया के प्रकार — विस्तृत विवरण (Types of Hernia)

 1. इनगुइनल हर्निया (Inguinal Hernia)

यह कमर (Groin) क्षेत्र में होता है।

  • पुरुषों में सबसे सामान्य

  • आँतें कमर की मांसपेशियों के बीच से बाहर आ जाती हैं

 2. फेमोरल हर्निया (Femoral Hernia)

जांघ के ऊपरी हिस्से में होता है।

  • महिलाओं में अधिक

  • प्रसव के बाद भी हो सकता है

 3. अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical Hernia)

नाभि के पास उभार।

  • नवजात बच्चों में सामान्य

  • प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं में भी

 4. इंसिजनल हर्निया (Incisional Hernia)

पहले हुए ऑपरेशन की जगह पर मांसपेशियाँ कमजोर होने से होता है।

 5. हायटल हर्निया (Hiatal Hernia)

छाती में डायफ्राम के ऊपर पेट का हिस्सा निकल जाता है।

  • इससे सीने में जलन, गैस, खट्टी डकारें

 6. एपिगैस्ट्रिक हर्निया

नाभि और सीने के बीच उभार।

  • दर्द, कमजोरी, गैस

 7. स्पोर्ट्स हर्निया

खिलाड़ियों में मांसपेशियों की चोट से।

प्रत्येक हर्निया अपनी गंभीरता और उपचार में अलग होता है।


अध्याय 3: हर्निया क्यों होता है? (Causes)

हर्निया का मुख्य कारण है मांसपेशियों की दीवार कमजोर होना, लेकिन इसके पीछे कई गहरे कारण छुपे हैं:

 1. जन्मजात कमजोरी

कुछ लोगों की मांसपेशियाँ जन्म से कमजोर होती हैं।

 2. भारी वजन उठाना

गलत तरीके से वजन उठाना पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

 3. कब्ज

लंबे समय तक ज़ोर लगाने से।

 4. लगातार खांसी

छाती और पेट की मांसपेशियों को ढीला कर देती है।

 5. मोटापा

अधिक वजन पेट के अंदर लगातार दबाव बनाता है।

 6. गर्भावस्था

एक से अधिक गर्भ धारण में मांसपेशियाँ ढीली हो जाती हैं।

 7. पाचन समस्याएँ

गैस, अपच, कब्ज — सभी कारण बनते हैं।

 8. सर्जरी के बाद

कटे हुए हिस्से की मांसपेशियाँ भरती हैं लेकिन कमजोर रहती हैं।


अध्याय 4: हर्निया के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

  • पेट, कमर या जांघ में उभार

  • खड़े होने पर उभार बढ़ना

  • दर्द या खिंचाव

  • चलने या झुकने पर दर्द

  • भारीपन

  • गैस, कब्ज

  • पेट में खिंचाव की अनुभूति

 खतरनाक लक्षण:

  • उभार सख्त हो जाए

  • दर्द बहुत तेज हो

  • उल्टी आने लगे

  • गैस/मल न निकले
    → यह Strangulated Hernia है = आपात स्थिति


अध्याय 5: आयुर्वेद के अनुसार हर्निया — गहन विश्लेषण

आयुर्वेद हर्निया को सामान्यत: अवरोध, आनत्र विकृति, तथा वात वृद्धि से जोड़ता है।

 हर्निया के आयुर्वेदिक कारण

✔ वात दोष का अत्यधिक बढ़ना
✔ मांसधातु की कमजोरी
✔ अग्नि मंद (कमजोर पाचन)
✔ रस–मांस–मेद धातु का क्षय
✔ कब्ज
✔ ऊर्जा का असंतुलन

 आयुर्वेदिक दृष्टि में हर्निया =

“वात + धातु कमजोरी + उदर क्षेत्र में अवरोध”


अध्याय 6: हर्निया का आयुर्वेदिक उपचार (Complete Ayurvedic Treatment)

 महत्वपूर्ण:
हर्निया का मुख्य और अंतिम उपचार सर्जरी माना जाता है।
लेकिन आयुर्वेद —

  • लक्षणों को नियंत्रित करता है

  • दर्द कम करता है

  • गैस व कब्ज हटाता है

  • मांसपेशियों को मजबूत करता है

  • रिकवरी तेज करता है

यानी कि Ayurveda = Pre/Post Surgery Best Supportive Treatment


1. वात दोष संतुलित करने की चिकित्सा

✔ औषधियाँ (चिकित्सक की देखरेख में)

  • दशमूल

  • हिंग्वाष्टक चूर्ण

  • त्रिफला

  • सौंफ

  • धनिया

  • अजवाइन


2. मांसपेशियाँ मजबूत करने वाली आयुर्वेदिक औषधियाँ

इनसे पेट की दीवारें मजबूत होती हैं —

  • अश्वगंधा

  • शतावरी

  • बाला चूर्ण

  • गोक्षुर

  • योगराज गुग्गुलु

  • लाक्षादि गुग्गुलु


3. अग्नि (पाचन) सुधार उपचार

  • अदरक

  • काली मिर्च

  • हरी इलायची

  • जीरा–घी

  • हरड़ चूर्ण

जब पाचन सुधरता है → पेट पर दबाव कम होता है।


4. हायटल हर्निया के लिए आयुर्वेद

  • ठंडा दूध

  • मुलेठी

  • शतावरी

  • जीरा पानी

  • अनार

  • मंडूर भस्म (केवल विशेषज्ञ की सलाह)


5. गर्म तेल चिकित्सा (Oil Massage Therapy)

पेट और कमर के आसपास…

  • नारायण तेल

  • सहचर तेल

  • माहानारायण तेल

लाभ:
✔ दर्द कम
✔ खिंचाव कम
✔ मांसपेशियाँ मजबूत


अध्याय 7: हर्निया के घरेलू उपाय

 1. अजवाइन–नमक

गैस और दर्द में राहत।

 2. हल्की गर्म सेक

पेट का तनाव कम।

 3. गुनगुना पानी

पाचन बेहतर।

 4. भोजन हमेशा हल्का

पेट पर दबाव कम।


अध्याय 8: हर्निया रोगियों के लिए सही आहार

✔ खाएँ:

  • मूंग दाल

  • खिचड़ी

  • दलिया

  • लौकी

  • तोरी

  • दही (दिन में)

  • छाछ

  • नारियल पानी

  • चावल–दाल हल्का

❌ बचें:

  • राजमा, छोले

  • तले भोजन

  • मांसाहार

  • शराब

  • गैस बढ़ाने वाली चीज़ें

  • बहुत मसालेदार खाना


अध्याय 9: हर्निया में योग — विशेषज्ञ स्तर पर

 अत्यंत महत्वपूर्ण:
गलत योगासन स्थिति बिगाड़ सकता है।

✔ केवल यह करें:

  • भ्रामरी

  • अनुलोम विलोम

  • वज्रासन

  • ताड़ासन

  • शवासन

❌ ये बिल्कुल न करें:

  • क्रंच

  • पुश-अप

  • प्लैंक

  • पेट को मोड़ने वाले आसन

  • भारी वजन


अध्याय 10: बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों में हर्निया

 बुजुर्ग

  • मांसपेशियाँ कमजोर → हर्निया संभावना अधिक

 महिलाएँ

  • प्रेग्नेंसी के बाद पेट ढीला → Umbilical/Inguinal Hernia

 बच्चे

  • Umbilical Hernia आम

  • अधिकतर बिना ऑपरेशन ठीक हो जाता है


अध्याय 11: कब सर्जरी आवश्यक है? (Emergency Signs)

यदि:
✔ उभार सख्त और दर्दनाक हो जाए
✔ पेट में तेज दर्द
✔ गैस/मल पास न हो
✔ उल्टी
✔ उभार अंदर न जाए

तो यह Strangulated Hernia है → तत्काल ऑपरेशन आवश्यक।


निष्कर्ष

हर्निया गंभीर समस्या है, लेकिन शुरुआती स्तर पर आयुर्वेद
✔ दर्द कम
✔ गैस–कब्ज नियंत्रित
✔ मांसपेशियाँ मजबूत
✔ जीवन बेहतर
बना सकता है।

उन्नत स्थिति में सर्जरी ही सर्वोत्तम विकल्प है।
आयुर्वेद सर्जरी से पहले–बाद में बेहतरीन सपोर्ट प्रदान करता है।


हर्निया के कारण आंत्र में सूजन आने पर । 

 कुटजघन वटी 25 टैबलेट, प्रवाल पंचामृत रस 5 ग्राम मुक्त शुक्ति भस्म 5 ग्राम, स्वर्ण बसंत मालती 1 ग्राम आमदोषांतक चूर्ण 5 ग्राम।   सभी को पीसकर आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम खाली पेट पुनर्नवारिष्ट के साथ दें उपरोक्त दवा किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर के संपर्क में ही लें


महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)

इस ब्लॉग में बताए गए किसी भी उपचार, जड़ी-बूटी, योग या औषधि को केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से ही उपयोग करें। स्वयं उपचार करना जोखिमभरा हो सकता है।

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