हमारी किडनी (Kidney) शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो खून को फिल्टर, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और शरीर में द्रव (Fluid) का संतुलन बनाए रखने का कार्य करती है।
आज के समय में प्रदूषण, केमिकल युक्त भोजन, अनियमित दिनचर्या और खराब आदतों के कारण किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किडनी की स्वच्छता (Kidney Detox) करना आवश्यक है।
आयुर्वेद में कई ऐसे प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं जिनसे आप घर पर ही किडनी को शुद्ध और स्वस्थ रख सकते हैं।
शरीर से हानिकारक टॉक्सिन और केमिकल बाहर करना
लाल रक्त कण (RBC) का निर्माण बढ़ाना
विटामिन D को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ाना
शरीर के अम्ल और क्षार का संतुलन बनाए रखना
शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित करना
मूत्र का निर्माण और उत्सर्जन करना
अधिक मसालेदार और तैलीय भोजन
केमिकल युक्त, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड
मधुमेह (Diabetes)
उच्च रक्तचाप (High BP)
अनुवांशिक कारण
नेफ्राइटिस (Kidney Inflammation)
मूत्र संक्रमण (UTI)
किडनी या मूत्राशय में चोट या घाव
सिर दर्द, पीठ दर्द और जोड़ों में दर्द
मूत्र में खून आना
रक्तचाप का असंतुलन
बार-बार पेशाब आना या मूत्र त्याग में कठिनाई
आंखों और चेहरे पर सूजन
आलस और थकान महसूस होना
मूत्र त्याग के दौरान जलन
किडनी या यूरिनरी ट्रैक्ट में पथरी
किडनी और मूत्रनलिका की पथरी से राहत
आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स में कमी
शरीर में ऊर्जा और ताजगी का अनुभव
नींद की गुणवत्ता में सुधार
हीमोग्लोबिन और कैल्शियम की मात्रा में वृद्धि
रक्तचाप का संतुलन
टॉक्सिन्स का निष्कासन
मासिक धर्म और गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में राहत
पौरुष ग्रंथि (Prostate) की समस्याओं में लाभ
बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या (Bed Wetting) में राहत
? सलाह: बेहतर परिणाम के लिए, किडनी की सफाई से पहले लीवर डिटॉक्स (Liver Cleansing) करना अधिक लाभकारी होता है।
| सामग्री | मात्रा | उपयोग |
|---|---|---|
| भुट्टे के बाल (Corn Silk) | ताज़ा 500 ग्राम / सूखे 50 ग्राम | काढ़ा बनाने के लिए |
| पार्सली या धनिया (Parsley/Coriander) | 500 ग्राम | काढ़ा बनाने के लिए |
| तरबूज के बीज (Watermelon Seeds) | 200 ग्राम | काढ़ा बनाने के लिए |
? एक समय में केवल एक सामग्री का प्रयोग करें। अगली बार दूसरी सामग्री का उपयोग करें।
एक लीटर पानी में भुट्टे के बाल डालें और 10 मिनट तक उबालें।
पानी छानकर अलग रखें और बालों को दोबारा ताजे पानी में डालकर 10 मिनट तक फिर से उबालें।
यह प्रक्रिया 3–4 बार दोहराएँ।
तैयार काढ़े को ठंडा करके छान लें।
दिन में 3–4 बार इसका सेवन करें।
इसी तरह पार्सली या तरबूज के बीज का काढ़ा भी बनाया जा सकता है।
⚠️ अगर सेवन के बाद हल्की उल्टी या दर्द महसूस हो तो घबराएँ नहीं, यह सामान्य प्रक्रिया है और कुछ समय में ठीक हो जाती है।
आयुर्वेद में बताए गए ये सरल घरेलू उपाय किडनी को स्वस्थ, शुद्ध और सक्रिय रखने में सहायक हैं।
यदि आपको डायबिटीज़, हाई BP, या किसी गंभीर किडनी रोग की समस्या है, तो किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
? स्रोत: ayurvediyaupchar.cpm
? अधिक जानकारी के लिए: ayurvediyaupchar.com
At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।