संधिवात या संधिगत वात विशुद्ध वातरोग है | संधि में रहने वाला विकृत वायु संधियों को नष्ट कर देता है तथा उनमे दर्द व सूजन को उत्पन्न करता है | संधियों को नष्ट करने का अर्थ यह है कि संधियों की स्वाभाविक कार्य करने की शक्ति में विकार आ जाता है |
पायरिया (पेरियोडोंटाइटिस) के कारण स्वस्थ दांत भी जिनमे कोई कीड़ा आदि नहीं होता कमजोर होकर हिलने लगते हैं , और एक-एक कर के निकल जाते हैं | पायरिया की शुरुआत जिसे जिंजिवाईटिस कहते हैं जिसके मुख्य कारण दातों पर मैल,टारटर,कैल्कुलस,भोजन के अंश आदि जमे रहना,विटामिन सी की कमी होना दिमागी परेशानी आदि है
मधुमेह अर्थात डॉयबिटीज़ मनुष्य के शरीर में शुगर की मात्रा अधिक हो जाने से हो जाती है | इसमें मनुष्य का शरीर दुर्बल होने लगता है,आँखों की रौशनी कम होने लगती है,मूत्र बार-बार और अधिक मात्रा में आने लगता है | हर वक़्त थकान व हाथ पैरों में पीड़ा सी महसूस होने लगती है | मनुष्य के मुँह से हर वक़्त दुर्गन्ध सी आने लगती है ,शरीर का घाव जल्दी नहीं भर
मिर्गी (Epilepsy / Apsmar) एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति अचानक चेतना खो देता है, शरीर अकड़ जाता है, हाथ-पैर अनियंत्रित रूप से फड़कने लगते हैं, मुँह से झाग आने लगता है, आँखें स्थिर हो जाती हैं और उसे स्वयं को कोई ज्ञान नहीं रहता। आयुर्वेद में इसे “अपस्मार” कहा गया है — अर्थात स्मृति का नाश, चेतना का पतन, मन की अस्थिरता और नाड़ियों में विकार। मिर्गी एक साधारण बीमारी नहीं बल्कि मन, मस्तिष्क, नाड़ियों और प्राणवायु—चारों का विकार है। इसका इलाज केवल दवा से नहीं बल्कि— औषध + पथ्य + दिनचर्या + मानसिक शांति + योग इन सबके मिलकर होता है।
आंत्रपुच्छ शोथ अर्थात अपेंडिसाइटिस रोग होने पर आधुनिक चिकित्सक तुरंत शल्य चिकित्सा का परामर्श देते हैं ,लेकिन आयुर्वेद चिकित्सक वनौषधियों से आंत्रपुच्छ शोथ की विकृति को नष्ट करते हैं | आधुनिक चिकित्स्कों के अनु
मनुष्य स्वाभाविक रूप से शाकाहारी है | पहले वह अपना आहार नैसर्गिक रूप में ही ग्रहण करता था| पकाकर खाना तो उसने सभ्यता के विकास के साथ सीखा है | यही कारण है कि आंते पके हुए आहार की अभ्यस्त बन गयी हैं ,किन्तु इससे पर्याप्त पोषक तत्व न मिलने के कारण हम में से अधिकांश को समय से पूर्व ज़रा- जीर्णता के साथ ही अनेकानेक बीमारियों का भी शिकार बनना पड़ रहा है | प्रख्यात आहारविद गहेन्स एंडर्सन के कथनानुसार,यदि इस भूल को सुधारकर प्राकृतिक आहार की तरफ लौटा जा सके तो कोई कारण नहीं की स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन का लाभ न उठाया जा सके | अनुसन्धानपूर्ण अपनी कृति - “द न्यू फ़ूड थेरेपी” में उन्होंने कहा हैकि वैज्ञानिक खोजों
रोगो के उपचार की अपेक्षा रोगों से बचना अधिक श्रेयष्कर कर है | यदि हम प्रयत्न करें और स्वास्थ्य सम्बन्धी कुछ आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त कर के उनका नियमपूर्वक पालन करें तो अनेक रोगों से बचकर प्रायः जीवनपर्यन्त स्वस्थ रह सकते हैं |
रोगों की कोई संख्या नहीं है,कितने रोग हो चुके हैं ,कितने रोग हैं और कितने रोग होंगे | इसका कोई अनुमान नहीं है | यदि ऐसा कोई रोग आ जाये जिससे परिचित नहीं है तो उस रोग से घबराएं नहीं और यह न सोचें की इस रोग की चिकित्सा कैसे हो | आयुर्वेद ने बताया है की रोग भले असंख्य हैं किन्तु उनके निदान संक्षिप्त और सूत्रबद्ध हैं | इसलिए उस रोग से लड़ा जा सकता है और समाप्त भी किया जा सकता है |
हर बीमार की नाड़ी ज़रूर देखी जाती है | नाड़ी अपनी लयात्मक गति से धड़कती रहे तभी जीवन की गाड़ी चलती रहती है | यह बात तो खैर तय है , लेकिन बहुतों को शायद नहीं मालूम की नाड़ी की गति देख कर तरह-तरह की बीमारियों का पता लगाया जा सकता है | यह प्राचीन भारतीय परंपरा है
आज के प्रतिस्पर्धा जीवन से उपजे मानसिक तनाव ,बेचैनी एवं नशे की लत के फलस्वरूप पेप्टिक अल्सर का होना सामान्य बात है | खानपान की गलत आदतों के कारण अधिकतर लोग इस रोग से पीड़ित रहते हैं | इस रोग में व्रण(छाला) की उत्पत्ति का कारण पेप्सीन तथा हाइड्रोक्लोरिक एसिड होता है | पेप्सीन की उपस्थिति के कारण इसे “पेप्टिक अल्सर” कहते हैं
At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।