Blogs

"अडूसा (वासा) के आयुर्वेदिक लाभ: खांसी, दमा और फेफड़ों के रोगों की रामबाण औषधि"

"अडूसा (वासा) के आयुर्वेदिक लाभ: खांसी, दमा और फेफड़ों के रोगों की रामबाण औषधि"

अडूसा,जिसे वासा के नाम से भी जाना जाता है,भारत के लगभग हर क्षेत्र में पाया जाता है | शोथ क्षय में इसके पञ्चाङ्ग तथा पुष्पों के काढ़े से सिद्ध किया घृत -शहद में मिलाकर (दुगुनी मात्रा में) सेवन करने से यह प्रबल वेगयुक्त कास तथा श्वाश को तुरंत नष्ट करता है | अडूसा,खाँसी के साथ कफ तथा रक्त हो तो वासा अकेली ही समर्थ औषधि है |

Mar 31, 2025
बनोषधि
"दमा (Asthma) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | जानिए कैसे करें दमा पर नियंत्रण"

"दमा (Asthma) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | जानिए कैसे करें दमा पर नियंत्रण"

सावन की ठंडी फुहार गर्मी में आम इंसान को राहत देती है , वहीं दमा रोग से ग्रसित व्यक्ति के लिए बहुत कष्टदायी होती है | दीपावली हो या होली हर इंसान नई ऋतू के आगमन पर उसका स्वागत करता है, लेकिन श्वाश रोगी बेचैन हो जाता है | दमा या अस्थमा - यह फेफड़ों को प्रभावित करने वाला श्वाश रोग है | दमा से दम तो नहीं निकलता किन्तु दम निकलने से कम कष्ट नहीं होता | सांस की नलिकाएं सकरी पड़ जाती हैं | रोगी का दौरा जैसे ही समाप्त होता है वह

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"गठिया (Arthritis): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | संधिगत वात का प्राकृतिक उपचार"

"गठिया (Arthritis): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | संधिगत वात का प्राकृतिक उपचार"

संधिवात या संधिगत वात विशुद्ध वातरोग है | संधि में रहने वाला विकृत वायु संधियों को नष्ट कर देता है तथा उनमे दर्द व सूजन को उत्पन्न करता है | संधियों को नष्ट करने का अर्थ यह है कि संधियों की स्वाभाविक कार्य करने की शक्ति में विकार आ जाता है |

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
पायरिया (Pyorrhea) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

पायरिया (Pyorrhea) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

पायरिया (पेरियोडोंटाइटिस) के कारण स्वस्थ दांत भी जिनमे कोई कीड़ा आदि नहीं होता कमजोर होकर हिलने लगते हैं , और एक-एक कर के निकल जाते हैं | पायरिया की शुरुआत जिसे जिंजिवाईटिस कहते हैं जिसके मुख्य कारण दातों पर मैल,टारटर,कैल्कुलस,भोजन के अंश आदि जमे रहना,विटामिन सी की कमी होना दिमागी परेशानी आदि है

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"मधुमेह (डायबिटीज़): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Diabetes Ayurvedic Treatment in Hindi"

"मधुमेह (डायबिटीज़): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Diabetes Ayurvedic Treatment in Hindi"

मधुमेह अर्थात डॉयबिटीज़ मनुष्य के शरीर में शुगर की मात्रा अधिक हो जाने से हो जाती है | इसमें मनुष्य का शरीर दुर्बल होने लगता है,आँखों की रौशनी कम होने लगती है,मूत्र बार-बार और अधिक मात्रा में आने लगता है | हर वक़्त थकान व हाथ पैरों में पीड़ा सी महसूस होने लगती है | मनुष्य के मुँह से हर वक़्त दुर्गन्ध सी आने लगती है ,शरीर का घाव जल्दी नहीं भर

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
मिर्गी (Epilepsy) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

मिर्गी (Epilepsy) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

मिर्गी (Epilepsy / Apsmar) एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति अचानक चेतना खो देता है, शरीर अकड़ जाता है, हाथ-पैर अनियंत्रित रूप से फड़कने लगते हैं, मुँह से झाग आने लगता है, आँखें स्थिर हो जाती हैं और उसे स्वयं को कोई ज्ञान नहीं रहता। आयुर्वेद में इसे “अपस्मार” कहा गया है — अर्थात स्मृति का नाश, चेतना का पतन, मन की अस्थिरता और नाड़ियों में विकार। मिर्गी एक साधारण बीमारी नहीं बल्कि मन, मस्तिष्क, नाड़ियों और प्राणवायु—चारों का विकार है। इसका इलाज केवल दवा से नहीं बल्कि— औषध + पथ्य + दिनचर्या + मानसिक शांति + योग इन सबके मिलकर होता है।

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
अपेंडिसाइटिस (Appendicitis) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

अपेंडिसाइटिस (Appendicitis) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आंत्रपुच्छ शोथ अर्थात अपेंडिसाइटिस रोग होने पर आधुनिक चिकित्सक तुरंत शल्य चिकित्सा का परामर्श देते हैं ,लेकिन आयुर्वेद चिकित्सक वनौषधियों से आंत्रपुच्छ शोथ की विकृति को नष्ट करते हैं | आधुनिक चिकित्स्कों के अनु

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
गेंहू के जवारे (Wheatgrass) – लाभ, सेवन विधि और आयुर्वेदिक महत्त्व

गेंहू के जवारे (Wheatgrass) – लाभ, सेवन विधि और आयुर्वेदिक महत्त्व

मनुष्य स्वाभाविक रूप से शाकाहारी है | पहले वह अपना आहार नैसर्गिक रूप में ही ग्रहण करता था| पकाकर खाना तो उसने सभ्यता के विकास के साथ सीखा है | यही कारण है कि आंते पके हुए आहार की अभ्यस्त बन गयी हैं ,किन्तु इससे पर्याप्त पोषक तत्व न मिलने के कारण हम में से अधिकांश को समय से पूर्व ज़रा- जीर्णता के साथ ही अनेकानेक बीमारियों का भी शिकार बनना पड़ रहा है | प्रख्यात आहारविद गहेन्स एंडर्सन के कथनानुसार,यदि इस भूल को सुधारकर प्राकृतिक आहार की तरफ लौटा जा सके तो कोई कारण नहीं की स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन का लाभ न उठाया जा सके | अनुसन्धानपूर्ण अपनी कृति - “द न्यू फ़ूड थेरेपी” में उन्होंने कहा हैकि वैज्ञानिक खोजों

Mar 31, 2025
प्राकृतिक चिकित्सा
स्वस्थता का रहस्य – जानिए कैसे रहे हमेशा निरोग और ऊर्जावान

स्वस्थता का रहस्य – जानिए कैसे रहे हमेशा निरोग और ऊर्जावान

रोगो के उपचार की अपेक्षा रोगों से बचना अधिक श्रेयष्कर कर है | यदि हम प्रयत्न करें और स्वास्थ्य सम्बन्धी कुछ आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त कर के उनका नियमपूर्वक पालन करें तो अनेक रोगों से बचकर प्रायः जीवनपर्यन्त स्वस्थ रह सकते हैं |

Mar 31, 2025
आरोग्य साधन
असाध्य रोग और आयुर्वेद: क्या सच में संभव है उपचार?

असाध्य रोग और आयुर्वेद: क्या सच में संभव है उपचार?

रोगों की कोई संख्या नहीं है,कितने रोग हो चुके हैं ,कितने रोग हैं और कितने रोग होंगे | इसका कोई अनुमान नहीं है | यदि ऐसा कोई रोग आ जाये जिससे परिचित नहीं है तो उस रोग से घबराएं नहीं और यह न सोचें की इस रोग की चिकित्सा कैसे हो | आयुर्वेद ने बताया है की रोग भले असंख्य हैं किन्तु उनके निदान संक्षिप्त और सूत्रबद्ध हैं | इसलिए उस रोग से लड़ा जा सकता है और समाप्त भी किया जा सकता है |

Mar 31, 2025
आरोग्य साधन
नाड़ी विज्ञान: आयुर्वेदिक नाड़ी परीक्षण क्या है और यह रोगों को कैसे पहचानता है?

नाड़ी विज्ञान: आयुर्वेदिक नाड़ी परीक्षण क्या है और यह रोगों को कैसे पहचानता है?

हर बीमार की नाड़ी ज़रूर देखी जाती है | नाड़ी अपनी लयात्मक गति से धड़कती रहे तभी जीवन की गाड़ी चलती रहती है | यह बात तो खैर तय है , लेकिन बहुतों को शायद नहीं मालूम की नाड़ी की गति देख कर तरह-तरह की बीमारियों का पता लगाया जा सकता है | यह प्राचीन भारतीय परंपरा है

Mar 31, 2025
नाड़ी विज्ञान,
अल्सर – जानिए इसके कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

अल्सर – जानिए इसके कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

आज के प्रतिस्पर्धा जीवन से उपजे मानसिक तनाव ,बेचैनी एवं नशे की लत के फलस्वरूप पेप्टिक अल्सर का होना सामान्य बात है | खानपान की गलत आदतों के कारण अधिकतर लोग इस रोग से पीड़ित रहते हैं | इस रोग में व्रण(छाला) की उत्पत्ति का कारण पेप्सीन तथा हाइड्रोक्लोरिक एसिड होता है | पेप्सीन की उपस्थिति के कारण इसे “पेप्टिक अल्सर” कहते हैं

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

Recent Posts

देह को कंपकंपा देने वाला : कम्प वात रोग

May 24, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

रतौंधी (Night Blindness) : विटामिन A की कमी से होने वाला नेत्र रोग

May 23, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

AYURVEDIYAUPCHAR

At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।

All categories
Flash Sale
Todays Deal