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Diabetes – A Natural Guide to Managing the Sugar Battle

Diabetes – A Natural Guide to Managing the Sugar Battle

Diabetes is a chronic health condition that affects how your body turns food into energy. With millions of people worldwide living with this condition, it's essential to understand what diabetes is, its symptoms, and how to manage it naturally and effectively.

Jul 31, 2025
Global Wellness
Diseases That Instruments Cannot Detect: Solutions Through the Lens of Ayurveda

Diseases That Instruments Cannot Detect: Solutions Through the Lens of Ayurveda

Ayurveda describes certain diseases in detail that modern diagnostic machines are often unable to detect. Below are some of these conditions along with their Ayurvedic explanation and treatment.

Jul 30, 2025
Global Wellness
जड़ी-बूटियों से चिकित्सा: आयुर्वेद का प्राकृतिक उपहार

जड़ी-बूटियों से चिकित्सा: आयुर्वेद का प्राकृतिक उपहार

प्रकृति ने हमें अनेक उपहार दिए हैं, जिनमें से जड़ी-बूटियाँ सबसे प्रभावशाली मानी जाती हैं। भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों का उपयोग हजारों वर्षों से किया जा रहा है। ये न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं, बल्कि अनेक असाध्य रोगों के उपचार में भी कारगर सिद्ध हुई हैं। रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभावों से परेशान आधुनिक समाज एक बार फिर से आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर लौट रहा है।

Jul 30, 2025
जड़ी बूटियों से चिकित्सा
स्पर्श चिकित्सा: ऊर्जा, विश्वास और उपचार की अद्भुत शक्ति

स्पर्श चिकित्सा: ऊर्जा, विश्वास और उपचार की अद्भुत शक्ति

जब कोई माँ अपने बच्चे के माथे पर हाथ रखती है, तो बच्चा खुद-ब-खुद शांत हो जाता है। जब किसी प्रियजन के कंधे पर हाथ रखा जाता है, तो वह दुखी मन भी हल्का महसूस करता है। यही है स्पर्श की शक्ति — और इसी सिद्धांत पर आधारित है स्पर्श चिकित्सा। स्पर्श चिकित्सा (Touch Therapy) कोई आधुनिक आविष्कार नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय और वैदिक परंपरा का हिस्सा रही है। आज विज्ञान भी इस बात को मान रहा है कि स्पर्श से मानव शरीर में ऊर्जा प्रवाहित होती है, और वह न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक रोगों में भी राहत दे सकती है।

Jul 30, 2025
स्पर्श चिकित्सा
योगासन एवं प्राणायाम: सम्पूर्ण स्वास्थ्य की ओर एक प्राचीन भारतीय मार्ग

योगासन एवं प्राणायाम: सम्पूर्ण स्वास्थ्य की ओर एक प्राचीन भारतीय मार्ग

मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान, और निरंतर मानसिक तनाव के कारण यह अमूल्य धन तेजी से क्षीण होता जा रहा है। दवाइयों और इलाज की ओर भागने से बेहतर है कि हम ऐसी जीवनशैली अपनाएं जो रोगों से रक्षा भी करे और शरीर-मन को शक्ति भी दे। योगासन और प्राणायाम न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति का भी माध्यम बनते हैं। ये विधाएं केवल व्यायाम नहीं हैं, बल्कि आत्म-जागृति और संतुलित जीवन जीने की पद्धति हैं।

Jul 30, 2025
योगासन प्राणायाम
अनुभूत आयुर्वेदिक चिकित्सीय प्रयोग: बार-बार आज़माए गए असरदार नुस्खे

अनुभूत आयुर्वेदिक चिकित्सीय प्रयोग: बार-बार आज़माए गए असरदार नुस्खे

अनुभूत चिकित्सीय प्रयोग 1 - गठिया रोग की सफल चिकित्सा यह एक विशेष प्रकार की चाय है इसको तैयार करने के लिये 2.5 लीटर शुद्ध जल में 350 ग्राम चीनीके साथ 1-2 चम्मच चायकी पत्ती को उबालकर साफ कपड़ेसे छानकर चौड़े मुंहके काँचकी बोतलमें गुनगुना होनेतक ठंडा करके, इसमें कल्चर की 20 ग्राम मात्रा मिला देते हैं। गर्मियों में 7 दिनों में और जाड़ों में 15 दिनोंमें कल्चर का किण्वीरण हो जाता है और वह जम जाता है जिसे अलग करके साफ काँच के बरतन में पानी में डुबोकर रख देते हैं।

Jul 26, 2025
घरेलू नुस्खे
ऐसे रोग जिन्हें यंत्र नहीं पहचान सकते: आयुर्वेद की दृष्टि से समाधान

ऐसे रोग जिन्हें यंत्र नहीं पहचान सकते: आयुर्वेद की दृष्टि से समाधान

ऐसे रोग, जिन्हें यन्त्र नहीं देख पाते आयुर्वेद में कुछ रोगों के विस्तृत विवरण मिल जाते हैं जिन्हें आज के यंत्र देख नहीं पाते इन रोगों में से कुछ रोगों का विवरण यहां प्रस्तुत किया जा रहा है 1-- परिणाम शूल इस रोगका 'परिणामशूल नाम इसलिये पड़ा है क्यों कि छोटी आंतों में भोजन के पाक हो जाने के बाद किट्ट का भाग बड़ी आँतों में पहुँचने लगता है तो उदर भाग में असह्य वेदना उत्पन्न होने लगती है। इसलिये इस वेदना (मूल) का नाम परिणाम शूल है। परिणाम का अर्थ होता

Jul 26, 2025
आरोग्य साधन
आयुर्वेद का असाध्य रोगों पर प्रभावशाली योगदान

आयुर्वेद का असाध्य रोगों पर प्रभावशाली योगदान

(१) बिना नाम का रोग लक्षण एक रोगीको देखा गया उसके दाहिने हाथ की कलाई के तीन हिस्से सूख गये थे, एक हिस्सा बचा था उसके उसी हाथ की दो उंगलियां कंधे से लग गयी थी ।उस हाथ को हिलाना या इधर-उधर करना सम्भव न था। वह रुग्ण हाथ केवल बेकार ही नहीं हुआ था, अपितु तकलीफ भी देता रहता था। रोगी का सोना भी कठिन हो रहा था,

Jul 26, 2025
आरोग्य साधन
बवासीर (अर्श): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

बवासीर (अर्श): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

अर्श या बवासीर यह एक अत्यंत कष्टप्रद रोग है। जिंदगी को दूभर कर देने वाले इस रोग से ग्रसित व्यक्ति के कष्ट का वर्णन करना कठिन कार्य है। मलद्वार के अंदर तीन वलि (आवर्त) होते हैं इनकी शिराएं जो श्लेष्मकला के भीतर रहती हैं विछिप्त हो जाने से यह रोग होता है ।पतली शिराओं का एक जाल मलाशय को भीतर चारों ओर से घेरे रहता है इन्हीं शिराओ में रक्त का संचय होकर फूलने से यह मस्से का रूप ले लेता है।

Jul 26, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
पक्षाघात (लकवा): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

पक्षाघात (लकवा): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

पक्षाघात शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। आंख का पक्षाघात, उंगलियों का पक्षाघात, जीभ का पक्षाघात, सीधे हाथ एवं पैर का पक्षाघात, वाम भाग का पक्षाघात, निम्नांग ( अर्धांग्न) का पक्षाघात, (इसमें कमर से नीचे के अंग रह जाते हैं) पक्षाघात में शरीर के अंग मुड़ जाते हैं ।अनेक बार मुड़ते नहीं हैं परंतु उनकी क्रियाशीलता नष्ट हो जाती है। अंगों में रक्त का संचार तो रहता है

Jul 26, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
कोष्ठबद्धता (कब्ज)-constipation के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

कोष्ठबद्धता (कब्ज)-constipation के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

कव्ज के सम्बन्ध में जनमानस की यह धारणा है कि यदि नित्य नियमित रूप से दो या तीन बार मल का त्याग न होगा तो उन्हें अनेक कष्ट होंगे, भोजन में अरुचि होगी, शरीर सुस्त रहेगा, पेट भारी रहेगा आदि-आदि। कभी -कभी तो मनुष्य में यह विचार भी उठने लगते हैं कि नियमित शौच न होने के कारण ही उन्हें अमुक रोग सता रहा है और शौच हो जाने से उनका रोग ठीक हो जायगा, यद्यपि यह बात कुछ अंश में

Jul 26, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
Arthritis Causes, Types, Symptoms & Ayurvedic Remedies | Natural Joint Pain Relief

Arthritis Causes, Types, Symptoms & Ayurvedic Remedies | Natural Joint Pain Relief

Arthritis is a chronic condition that causes pain, swelling, stiffness, and reduced mobility in joints. It can affect people of all ages but is most common among adults over 40. If not treated in time, arthritis can lead to joint deformity and permanent damage. Ayurveda refers to arthritis as Aamvata (toxic accumulation in joints) or Sandhivata (degeneration of joints due to aging or Vata imbalance).

Jul 24, 2025
Global Wellness

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अभ्रक भस्म के गुण और उपयोग – Ayurvediya Upchar

Sep 17, 2026
जड़ी बूटियों से चिकित्सा

AYURVEDIYAUPCHAR

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