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विषम ज्वर (मलेरिया): कारण, प्रकार और संक्रमण की पूरी जानकारी

विषम ज्वर (मलेरिया): कारण, प्रकार और संक्रमण की पूरी जानकारी

आयुर्वेद में विषम ज्वर ऐसे बुखार को कहा गया है, जो अनियमित समय पर आता है और जिसमें कभी तेज तो कभी हल्का बुखार होता है। कई बार रोगी को पहले तेज ठंड लगती है, फिर शरीर गर्म हो जाता है और अंत में अधिक पसीना आने के बाद बुखार उतर जाता है। माधव निदान के अनुसार, जब ज्वर पूरी तरह ठीक नहीं होता या ज्वर के बाद शरीर में बचा हुआ दोष गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण दोबारा बढ़ जाता है, तब वह रस, रक्त आदि धातुओं को प्रभावित करके विषम ज्वर उत्पन्न करता है।

Jun 28, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
मोटापा (Obesity): कारण, लक्षण, नुकसान, आयुर्वेदिक उपचार और तेजी से वजन कम करने के आसान उपाय

मोटापा (Obesity): कारण, लक्षण, नुकसान, आयुर्वेदिक उपचार और तेजी से वजन कम करने के आसान उपाय

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा (Obesity) सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। पहले इसे केवल अधिक खाने या कम मेहनत करने का परिणाम माना जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि मोटापा केवल शरीर पर अतिरिक्त चर्बी जमा होने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक जटिल स्वास्थ्य स्थिति (Complex Health Condition) है जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फैटी लिवर, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

Jun 28, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
अल्सर (Peptic Ulcer): कारण, लक्षण, बचाव और आयुर्वेदिक उपचार

अल्सर (Peptic Ulcer): कारण, लक्षण, बचाव और आयुर्वेदिक उपचार

पेट में बार-बार जलन, खाली पेट दर्द, खट्टी डकारें या खाना खाने के बाद तेज दर्द—ये केवल गैस की समस्या नहीं हो सकती। कई बार ये पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer) के संकेत होते हैं। यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए तो यह रक्तस्राव, छेद (Perforation) और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। आधुनिक जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, धूम्रपान और दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन अल्सर के प्रमुख कारण बन चुके हैं। आयुर्वेद में इस रोग को पित्त दोष, अग्नि विकृति और आमाशय की श्लेष्मा झिल्ली के क्षरण से संबंधित माना गया है।

Jun 25, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
Daily Ayurvedic Habits Every Woman Should Follow

Daily Ayurvedic Habits Every Woman Should Follow

Modern women often juggle multiple responsibilities—work, family, education, fitness, and personal goals. While technology has made life easier in many ways, it has also increased stress, reduced physical activity, disrupted sleep patterns, and encouraged unhealthy eating habits. Many women today experience fatigue, digestive discomfort, poor sleep, difficulty managing stress, dry skin, or low energy due to busy lifestyles. Although these challenges may have different causes, adopting healthy daily habits can play an important role in supporting overall well-being. Ayurveda, one of the world's oldest traditional wellness systems originating

Jun 25, 2026
Global Wellness
बंध्यत्व (बांझपन) : कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपचार

बंध्यत्व (बांझपन) : कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपचार

संतान प्राप्ति प्रत्येक दंपत्ति के जीवन का महत्वपूर्ण सुख माना जाता है। जब नियमित वैवाहिक जीवन के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता, तो इस स्थिति को बंध्यत्व (Infertility/बांझपन) कहा जाता है। यह समस्या केवल महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी हो सकती है। आधुनिक चिकित्सा के अनुसार लगभग 40-50% मामलों में पुरुष पक्ष, 40-50% मामलों में महिला पक्ष तथा कुछ मामलों में दोनों की समस्याएं जिम्मेदार होती हैं। आयुर्वेद में बंध्यत्व को स्त्री एवं पुरुष के बीज (अंडाणु) और शुक्र (वीर्य) के दोष, गर्भाशय विकार, हार्मोन असंतुलन, मानसिक तनाव तथा जीवनशैली की गड़बड़ियों से जोड़ा गया है।

Jun 24, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
योषापस्मार (हिस्टीरिया) : महिलाओं में अधिक होने वाला मानसिक रोग | कारण, लक्षण, मिर्गी से अंतर, आयुर्वेदिक उपचार एवं संपूर्ण मार्गदर्शिका

योषापस्मार (हिस्टीरिया) : महिलाओं में अधिक होने वाला मानसिक रोग | कारण, लक्षण, मिर्गी से अंतर, आयुर्वेदिक उपचार एवं संपूर्ण मार्गदर्शिका

क्या बार-बार बेहोशी, अचानक रोना, चिल्लाना या शरीर में झटके मानसिक रोग का संकेत हो सकते हैं? हमारे समाज में आज भी कई लोग अचानक बेहोशी, अत्यधिक रोना, चिल्लाना, हाथ-पैर पटकना या कुछ समय के लिए स्मृति खो देना जैसी स्थितियों को भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा या दैवीय प्रभाव मान लेते हैं। जबकि अधिकांश मामलों में यह मानसिक एवं स्नायविक विकारों से संबंधित समस्या हो सकती है। आयुर्वेद में ऐसी स्थिति को योषापस्मार कहा गया है। सामान्य भाषा में इसे हिस्टीरिया (Hysteria) के नाम से जाना जाता है। यह रोग मुख्य रूप से मानसिक तनाव, भावनात्मक आघात, भय, चिंता, अवसाद तथा मन की दुर्बलता से जुड़ा हुआ माना जाता है।

Jun 23, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
कामला (पीलिया) कालरूपी प्राणहारी रोग – कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार, पथ्य-अपथ्य एवं संपूर्ण जानकारी

कामला (पीलिया) कालरूपी प्राणहारी रोग – कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार, पथ्य-अपथ्य एवं संपूर्ण जानकारी

क्या आपकी आंखें और त्वचा पीली हो रही हैं? हो सकता है यह पीलिया हो! जब किसी व्यक्ति की आंखें, नाखून, त्वचा और मूत्र पीले रंग के दिखाई देने लगते हैं, तो अधिकांश लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यह स्थिति कामला (पीलिया) जैसे गंभीर रोग का संकेत होती है। आयुर्वेद में कामला को पित्त प्रधान रोग माना गया है, जो यकृत (लिवर), रक्त तथा पित्तवाहिनी तंत्र की विकृति के कारण उत्पन्न होता है।

Jun 23, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
पथ्य-अपथ्य: आयुर्वेद के अनुसार किस रोग में क्या खाएं और क्या नहीं?

पथ्य-अपथ्य: आयुर्वेद के अनुसार किस रोग में क्या खाएं और क्या नहीं?

आयुर्वेद केवल रोग होने पर दवा लेने की पद्धति नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण विज्ञान प्रणाली है। आयुर्वेदाचार्यों ने स्पष्ट कहा है कि यदि रोगी उचित पथ्य (हितकारी आहार-विहार) का पालन करता है तो औषधि कम मात्रा में भी लाभ देती है, जबकि अपथ्य (अहितकारी आहार-विहार) करने पर श्रेष्ठ औषधि भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाती।

Jun 21, 2026
आरोग्य साधन
सीने में जलन पैदा करने वाला रोग : अम्लपित्त (एसिडिटी) – कारण, लक्षण, बचाव एवं आयुर्वेदिक उपचार

सीने में जलन पैदा करने वाला रोग : अम्लपित्त (एसिडिटी) – कारण, लक्षण, बचाव एवं आयुर्वेदिक उपचार

अम्लपित्त, जिसे सामान्य भाषा में एसिडिटी (Acidity) कहा जाता है, पाचन तंत्र का एक सामान्य किन्तु कष्टदायक विकार है। जब आमाशय (पेट) में अम्ल (Acid) की मात्रा आवश्यकता से अधिक बढ़ जाती है, तब खट्टी डकारें, छाती में जलन, गले में जलन, मुँह में खट्टापन तथा पेट में भारीपन जैसे लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं। आयुर्वेद में इस स्थिति को अम्लपित्त कहा गया है।

Jun 21, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
एक्जीमा (पामा-छाजन) का आयुर्वेदिक इलाज: कारण, लक्षण, बचाव और उपचार

एक्जीमा (पामा-छाजन) का आयुर्वेदिक इलाज: कारण, लक्षण, बचाव और उपचार

त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है, जो हमें बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करती है। आयुर्वेद में त्वचा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह स्पर्श ज्ञान का मुख्य माध्यम है। जब त्वचा में किसी कारण से विकार उत्पन्न होता है, तो कई प्रकार के त्वचा रोग जन्म लेते हैं। इन्हीं में से एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाला रोग है एक्जीमा (Eczema), जिसे आयुर्वेद में पामा या छाजन कहा जाता है। एक्जीमा कोई संक्रामक रोग नहीं है, लेकिन इसकी खुजली, जलन, लालिमा और बार-बार होने वाली समस्या रोगी के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

Jun 20, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
खाँसी (कास) क्या है? कारण, लक्षण, प्रकार और आयुर्वेदिक उपचार

खाँसी (कास) क्या है? कारण, लक्षण, प्रकार और आयुर्वेदिक उपचार

जब श्वसन तंत्र (नाक, गला, श्वासनली और फेफड़े) में कोई धूल, धुआं, संक्रमण या अन्य अवांछित पदार्थ पहुंच जाता है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया करता है जिसे खाँसी कहा जाता है। आयुर्वेद में खाँसी को "कास" कहा गया है।

Jun 19, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
देहाती घरेलू नुस्खे: पारंपरिक उपाय, फायदे और आवश्यक सावधानियां

देहाती घरेलू नुस्खे: पारंपरिक उपाय, फायदे और आवश्यक सावधानियां

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सदियों से अनेक प्रकार के घरेलू नुस्खों का उपयोग किया जाता रहा है। इन नुस्खों का उद्देश्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में राहत प्रदान करना रहा है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के विकास के बाद यह समझना भी आवश्यक हो गया है कि प्रत्येक घरेलू उपाय हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या प्रभावी नहीं होता। इसलिए किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा, व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह का ध्यान रखना चाहिए। इस लेख में कुछ पारंपरिक देहाती घरेलू नुस्खों की जानकारी दी जा रही है। यह जानकारी केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।

Jun 18, 2026
घरेलू नुस्खे

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