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"अंजीर (Fig) – कब्ज, कमजोरी और रक्त विकारों के लिए आयुर्वेदिक फल"

"अंजीर (Fig) – कब्ज, कमजोरी और रक्त विकारों के लिए आयुर्वेदिक फल"

अंजीर एक ऐसा फल है जो आम लोगो के खाने के कम ही आता है। इसका प्रयोग केवल दवाईयों में ही सुखा कर होता है। इसकी तासीर ठंडी है- बवासीर रोग और अंजीर का प्रयोग बवासीर के रोगियों के लिये अंजीर अमृत से कम नहीं। जब आप चारों ओर से इस रोग का उपचार करवा के थक चुके हों तो ऐसे निराशा के समय यह अंजीर ही आपका साथ दे सकती है। इसका प्रयोग इस प्रकार से करना चाहिए। 3 अंजीर सूखे, रात के समय पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट उन अंजीरों को खाकर पानी को पीलें। ठीक ऐसे ही सुबह के समय अंजीर भिगो कर रात को उन्हें खा लें।

May 16, 2025
फलों से चिकित्सा
"मानव जीवन का साथी – आंवला (Amla) | रोग प्रतिरोधक, बालों और पाचन के लिए अमृत फल"

"मानव जीवन का साथी – आंवला (Amla) | रोग प्रतिरोधक, बालों और पाचन के लिए अमृत फल"

ईश्वर के खज़ाने से वैसे तो हर प्रकार के सुख मिले हैं परन्तु यदि उन्हें कहीं दुःख मिलता है, तो प्रभु ने उस दुःख का इलाज भी साथ ही करवा रखा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह संसार दुःखों का घर है, परन्तु ईश्वर ने हर दुःख को सुख में बदलने के पूरे उपाय कर रखें हैं। मानव जाति के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये हज़ारों जड़ी बूटियां सैंकड़ों प्रकार के फल-फूल पैदा किये हैं, इनमें सब में अधिक उपयोगी एक आवंला को भी माना गया है। तभी इसे मानव जीवन का साथी कहते हैं।

May 07, 2025
फलों से चिकित्सा
"नींबू (Lemon) – पाचन, वजन घटाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए रामबाण आयुर्वेदिक फल"

"नींबू (Lemon) – पाचन, वजन घटाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए रामबाण आयुर्वेदिक फल"

देखने में सब से छोटां परन्तु गुणों में सब से मोटा यह बारह मासी फल, खट्टा तो जरूर है, मगर गुणों में सबसे अधिक शक्ति रखने वाले पीले रंग के इस लिटल मास्टर को नींबू कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं 1. छोटा नींबू 2. बड़ा नींबू

May 07, 2025
फलों से चिकित्सा
"आम (Mango) – स्वाद, ऊर्जा और आयुर्वेदिक पोषण से भरपूर फल"

"आम (Mango) – स्वाद, ऊर्जा और आयुर्वेदिक पोषण से भरपूर फल"

आम को फलों का राजा माना जाता है, इसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी भर आता है, स्वाद में मीठा और कुछ खट्टे-मिठे भी निकलते हैं। आम की बहुत सी किस्में हमारे देश में पैदा होती है। जिन में से सबसे बढ़िया आम दशहरी माना जाता है। दूसरी किस्मों में लगंडा, सरूली इत्यादि आते हैं। फिर अनेक किस्में और भी होती हैं जो इतनी प्रसिद्ध तो नहीं परन्तु फिर भी लोग खाते हैं।

May 03, 2025
फलों से चिकित्सा
"हम और हमारा भोजन – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से आहार का महत्व"

"हम और हमारा भोजन – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से आहार का महत्व"

प्रकृति ने जैसे ही धरती पर प्राणी को जन्म दिया वैसे ही उस जीवन की रक्षा के साधन भी साथ ही पैदा कर दिये थे। इस जीवन की रक्षा का सबसे बड़ा साधन है, हमारा भोजन, जिसका प्रबंध स्वंय प्रकृति ही करती है। जो लोग प्रकृति की शक्ति को नहीं मानते वे कभी सुख नहीं पा सकते।

May 03, 2025
आरोग्य साधन
"अंगूर (Grapes) – कमजोरी, पाचन और रक्त निर्माण के लिए लाभकारी फल"

"अंगूर (Grapes) – कमजोरी, पाचन और रक्त निर्माण के लिए लाभकारी फल"

सब फलों में अधिक शक्तिशाली अंगूर सब फलों से अधिक शक्तिशाली तथा गुणवान फल है यदि इसका प्रयोग आम दिनों में भी किया जाए तो यह शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है। इस चीज का ध्यान रहे कि शक्तिशाली शरीर ही निरोगी होते हैं। इस प्रकार से अंगूर का सेवन आपको बिना रोग के भी करते ही रहना चाहिए।

May 02, 2025
फलों से चिकित्सा
"अनार (Pomegranate) – खून बढ़ाने, हृदय स्वास्थ्य और पाचन के लिए आयुर्वेदिक फल"

"अनार (Pomegranate) – खून बढ़ाने, हृदय स्वास्थ्य और पाचन के लिए आयुर्वेदिक फल"

"एक अनार सौ बीमार" यह बात भले ही कितनी पुरानी हो जाए मगर यह कार्य सिद्धि के लिये आज भी उतनी ही नई है जितनी कि पहले कभी थी। 'एक अनार सौ बीमार' का अर्थ है कि किसी हकीम के पास अनार तो एक था और रोगी आ गए सौ। अब वह किस किस का उपचार करें, दूसरे शब्दों में इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि अनार का फल इतना अधिक गुणकारी है कि जो इसे खाने से रोगी ठीक हो जाता है। भले ही अनार एक हो और रोगी अनेक। फिर भी पलड़ा अनार का ही भारी है।

May 01, 2025
फलों से चिकित्सा
"2025 में आयुर्वेद का पुनरुत्थान: पूरी दुनिया क्यों लौट रही है प्रकृति की चिकित्सा पद्धति की ओर?"

"2025 में आयुर्वेद का पुनरुत्थान: पूरी दुनिया क्यों लौट रही है प्रकृति की चिकित्सा पद्धति की ओर?"

परिचय: आयुर्वेद का इतिहास 5,000 वर्षों पुराना है। आज जब दुनिया टेक्नोलॉजी और आधुनिक चिकित्सा में तरक्की कर रही है, लोग फिर से प्राकृतिक, समग्र और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणाली की ओर लौट रहे हैं। आयुर्वेद अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा—यह एक वैश्विक आंदोलन बन रहा है।

Apr 24, 2025
प्राकृतिक चिकित्सा
"लू (Heatstroke): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार"

"लू (Heatstroke): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार"

ग्रीष्म ऋतू में जो भीषण गर्म हवाओं के झोंके चलते हैं उन्हें हम बोलचाल की भाषा में “लू “ कहते हैं | ग्रीष्म ऋतू के प्रारम्भ में दिनभर धूल भारिटेज़ हवाएं चलने लगती हैं ये गर्म हवाएं अधिक तीव्र होने के कारण धरती की स्निग्धता का शोषण कर लेती हैं जिसके कारन मानव, जीव-जंतु तथा पेड़ पौधों में जलीयांश मैं कमी आ जाती है जिसके फलस्वरुप समस्त दुनिया को परेशानी का सामना करना पडता है |

Apr 16, 2025
घरेलू नुस्खे
"त्रिदोष सिद्धांत: आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ का वैज्ञानिक रहस्य"

"त्रिदोष सिद्धांत: आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ का वैज्ञानिक रहस्य"

मानव शरीर पंच महाभूतों से निर्मित हैं ये है - आकाश,वायु,अग्नि,जल और पृथ्वी | पांच तत्वों एवं त्रिदोष( वात,पित्त,कफ) के सम अवस्था में रहने से ही शरीर स्वस्थ रहता है |तीनों दोषों में वात ( वायु ) ही बलबान है| पित्त और कफ पंगु है इनको वायु जहा ले जाता है वे बादल के समान चले जाते हैं | वायु के पांच भेद माने जाते हैं (1 ) प्राण (2 ) अपान (3 ) समान (4 ) उदान (5 ) व्यान | यदि ये पांचो वायु अपनी स्वाभाविक अवस्था में रहें और अपने - अपने स्थान में विद्यमान रहें तो अपने -अपने कार्यों को संपन्न करते हैं और इन पाँचों के द्वारा के रोग रहित शरीर का धारण होता है |

Apr 16, 2025
आरोग्य साधन
"आयुर्वेद में दिव्य औषधियाँ: ऋषियों द्वारा वर्णित  अमूल्य प्राकृतिक रत्न"

"आयुर्वेद में दिव्य औषधियाँ: ऋषियों द्वारा वर्णित अमूल्य प्राकृतिक रत्न"

हिमालय प्रदेश में अगम्य स्थानों पर कठिनता से प्राप्त होने वाली ऐसी अनेक औषधियां हैं जिनके प्रभाव भी दिव्या होते हैं | असंख्य दिव्य औषधियों में से कुछ इस प्रकार है - ऐन्द्री( इन्द्रायण) - यह औषधि 2 प्रकार की होती है सफ़ेद पुष्प वाली और लाल पुष्प वाली | कही-कही पीले पुष्प वाली भी पायी जाती है | (१) लाल इन्द्रायण - इसे विशाला,महाफला,चित्रफला,त्रयूसी,रम्यादिहिवल्ली,महेंद्र वारुणी - इन नामों से सम्बोधित किया गया है | (२) श्वेतपुष्पी - अर्थात बड़ी इंद्रायणी को मृगाक्षी,नागदंति,वारुणी,गरजचिभटा -इन नामों से जाना जाता है |

Apr 16, 2025
बनोषधि
"उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार"

"उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार"

उच्च रक्तचाप का आयुर्वेदिक नाम शिरागत वात है| रक्त वाहनियों तथा धमनियों पर रक्त का अधिक दवाव पड़ना और उनका कठोर हो जाना शिरागत वात है | सामान्यतः रक्तचाप 120/80 मि.मी.पारा होता है इसमें 10मि.मी. पारे की घटत बढ़त भी सामान्य ही समझना चाहिए| यह 2 प्रकार का होता है - (1) उच्च रक्त चाप ( HIGH B.P.) (2) न्यून रक्त चाप ( LOW B.P.)

Apr 16, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

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