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"साइटिका (Sciatica): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक निवारण"

"साइटिका (Sciatica): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक निवारण"

पंचम कटिप्रदेशीय तथा प्रथम और द्वितीय कटिप्रदेशीय नाड़ी मूलों के मिलने से ग्रध्रसी नाड़ी ( sciatica nerve ) का निर्माण होता है | इन गाडी मूलों पर विकृति होने के फलस्वरूप साइटिका (sciatica ) की उत्पत्ति होती है | इस विकृति का कारण दुष्ट वात होती है ,जो नितम्ब,उ

Apr 02, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"रेबीज़: एक जानलेवा लेकिन रोके जा सकने वाला रोग | Rabies is 100% Preventable"

"रेबीज़: एक जानलेवा लेकिन रोके जा सकने वाला रोग | Rabies is 100% Preventable"

यह एक बेहद संक्रामक व जानलेवा रोग है | इस रोग को “हयड्रोफोबिया” लाइसा व पागलपन आदि कहते हैं | वैसे तो यह जानवरों को होने वाला रोग है लेकिन रेबीजग्रस्त पशुओं के काटने से यह रोग मनुष्यों को भी हो जाता है | प्रायः यह रोग पागल कुत्ते के काटने से होता है | कारण - यह रोग “रहेब्डो वायरस” से होता है | ये वायरस रक्त में मौजूद नहीं होते , केवल तंत्रिकातंत्र को नुकसान पहुंचाकर शरीर को प्र

Apr 02, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"पीलिया (Jaundice): संक्रमित लीवर से होने वाला खतरनाक रोग – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

"पीलिया (Jaundice): संक्रमित लीवर से होने वाला खतरनाक रोग – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

यकृत हमारे शरीर का एक अति महत्वपूर्ण अंग है | इसका बजन 1.5 किलो तक होता है | यकृत रोग कई प्रकार के होते हैं जैसे- पीलिया,जलोदर,यकृत ट्यूमर ,यकृत कैंसर,यकृतवृद्धि,यकृतसूजन,यकृतक्षय | रक्त की जांच कराने से इन सभी यकृत रोगों का पता चलता है | यकृत की पूरी तरह आधुनिक यंत्रों से पर सब कुछ स्पष्ट हो जाता है | ये जांचे डॉक्टर की सलाह से करवाए|

Apr 01, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"डिप्रेशन: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक समाधान | Depression Causes & Ayurvedic Remedies"

"डिप्रेशन: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक समाधान | Depression Causes & Ayurvedic Remedies"

निरंतर तनाव से आपके स्वास्थ्य और व्यक्तित्व पर दुष्प्रभाव पड़ता है,जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते | सिरदर्द,पेट की गड़बड़ियां और कमरदर्द उन अनेक बीमारियों में से हैं,जो तनाव की वजह से हो जाती है | इनके कारण आपकी खुशियों और संबंधों में दरार पड जाती है | लेकिन निम्न सु

Apr 01, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"सफेद दाग (Leucoderma): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

"सफेद दाग (Leucoderma): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

सफ़ेद दाग एक त्वचा रोग है | इसी को ल्यूकोडर्मा(leucoderma),श्वेत कुष्ठ,सफ़ेद कुष्ठ,श्वित्र कुष्ठ इत्यादि नामों से सम्बोधित किया जाता है | यह त्वचा में मेलनिन(melanin) नामक रंजक पदार्थ की कमी के कारण होता है | इस रंजक पदार्थ को malanocytes मेलैनोसाइट्स नामक त्वचा की कोशकाएँ बनाती हैं | जब किसी कारणवश मेलैनोसाइट्स अपने कार्य करना बंद कर देती हैं तो श्वेत कुष्ठ की उत्पत्ति होती है | यह पहले लाल रंग के दाग के रूप में दिखाई देता है,फिर धीरे-धी

Apr 01, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"पथरी (Kidney Stone): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Ayurvedic Treatment of Stone"

"पथरी (Kidney Stone): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Ayurvedic Treatment of Stone"

पथरी जिसे संस्कृत में अश्मरी के नाम जाना जाता है अप्राकृतिक आहार-विहार,अपथ्यकारी वस्तुओ के अधिक सेवन,मल-मूत्र के वेगों को रोकना,चिकनाई वाले पदार्थ का उपयोग ,एक ही औषधि का अधिक सेवन करने जैसे अनेकों कारणों से होने वाला रोग है |

Apr 01, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"एक्जिमा की प्राकृतिक चिकित्सा: लक्षण, कारण और घरेलू उपाय | Naturopathy for Eczema"

"एक्जिमा की प्राकृतिक चिकित्सा: लक्षण, कारण और घरेलू उपाय | Naturopathy for Eczema"

एक्जिमा किसी दूसरे रोगी के संपर्क में आने से होता है | यदि किसी स्त्री-पुरुष,किशोर या प्रौढ़ को एक्जिमा हो जाये तो फिर वर्षों तक उसे पीड़ित कर सकता है | भोजन में लापरवाही और उचित चिकित्सा नहीं हो पाने के कारण एक्जिमा लम्बे समय तक त्वचा पर बना रहता है | किसी औषधि से एक्जिमा को दबा दिया जाये तो थोड़े दिनों बाद फिर से उभर जाता है | चिकित्सा विशेषज्ञों के अनु

Apr 01, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"दमा (Asthma) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | जानिए कैसे करें दमा पर नियंत्रण"

"दमा (Asthma) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | जानिए कैसे करें दमा पर नियंत्रण"

सावन की ठंडी फुहार गर्मी में आम इंसान को राहत देती है , वहीं दमा रोग से ग्रसित व्यक्ति के लिए बहुत कष्टदायी होती है | दीपावली हो या होली हर इंसान नई ऋतू के आगमन पर उसका स्वागत करता है, लेकिन श्वाश रोगी बेचैन हो जाता है | दमा या अस्थमा - यह फेफड़ों को प्रभावित करने वाला श्वाश रोग है | दमा से दम तो नहीं निकलता किन्तु दम निकलने से कम कष्ट नहीं होता | सांस की नलिकाएं सकरी पड़ जाती हैं | रोगी का दौरा जैसे ही समाप्त होता है वह

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"गठिया (Arthritis): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | संधिगत वात का प्राकृतिक उपचार"

"गठिया (Arthritis): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | संधिगत वात का प्राकृतिक उपचार"

संधिवात या संधिगत वात विशुद्ध वातरोग है | संधि में रहने वाला विकृत वायु संधियों को नष्ट कर देता है तथा उनमे दर्द व सूजन को उत्पन्न करता है | संधियों को नष्ट करने का अर्थ यह है कि संधियों की स्वाभाविक कार्य करने की शक्ति में विकार आ जाता है |

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
पायरिया (Pyorrhea) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

पायरिया (Pyorrhea) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

पायरिया (पेरियोडोंटाइटिस) के कारण स्वस्थ दांत भी जिनमे कोई कीड़ा आदि नहीं होता कमजोर होकर हिलने लगते हैं , और एक-एक कर के निकल जाते हैं | पायरिया की शुरुआत जिसे जिंजिवाईटिस कहते हैं जिसके मुख्य कारण दातों पर मैल,टारटर,कैल्कुलस,भोजन के अंश आदि जमे रहना,विटामिन सी की कमी होना दिमागी परेशानी आदि है

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"मधुमेह (डायबिटीज़): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Diabetes Ayurvedic Treatment in Hindi"

"मधुमेह (डायबिटीज़): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Diabetes Ayurvedic Treatment in Hindi"

मधुमेह अर्थात डॉयबिटीज़ मनुष्य के शरीर में शुगर की मात्रा अधिक हो जाने से हो जाती है | इसमें मनुष्य का शरीर दुर्बल होने लगता है,आँखों की रौशनी कम होने लगती है,मूत्र बार-बार और अधिक मात्रा में आने लगता है | हर वक़्त थकान व हाथ पैरों में पीड़ा सी महसूस होने लगती है | मनुष्य के मुँह से हर वक़्त दुर्गन्ध सी आने लगती है ,शरीर का घाव जल्दी नहीं भर

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
मिर्गी (Epilepsy) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

मिर्गी (Epilepsy) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

मिर्गी (Epilepsy / Apsmar) एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति अचानक चेतना खो देता है, शरीर अकड़ जाता है, हाथ-पैर अनियंत्रित रूप से फड़कने लगते हैं, मुँह से झाग आने लगता है, आँखें स्थिर हो जाती हैं और उसे स्वयं को कोई ज्ञान नहीं रहता। आयुर्वेद में इसे “अपस्मार” कहा गया है — अर्थात स्मृति का नाश, चेतना का पतन, मन की अस्थिरता और नाड़ियों में विकार। मिर्गी एक साधारण बीमारी नहीं बल्कि मन, मस्तिष्क, नाड़ियों और प्राणवायु—चारों का विकार है। इसका इलाज केवल दवा से नहीं बल्कि— औषध + पथ्य + दिनचर्या + मानसिक शांति + योग इन सबके मिलकर होता है।

Mar 31, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

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