Blogs

"गुर्दे (किडनी) की सुरक्षा: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपाय"

"गुर्दे (किडनी) की सुरक्षा: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपाय"

हमारे गुर्दे लाखों छलनियो तथा लगभग 140 मील नलिकाओं से बने होते हैं | गुर्दे की इस इकाई को नेफ्रॉन कहते हैं | एक गुर्दे में लगभग 10 लाख ऐसी ऐसी इकाइयां होती हैं | नलिकाएं उस छाने हुए द्रव अच्छी अच्छी चीज़ो( सोडियम,पोटेशियम, कैल्शियम ) इत्यादि को दोबारा सोख लगभग 1.5 लीटर मूत्र के रूप में बाहर निकाल देती हैं | हमारे गुर्दे लगभग 1500 लीटर खून को साफ़ कर के लगभग 9.5 लीटर मूत्र में बदल देते हैं | लगभग 1200 मिलीलीटर रक्त प्रत्येक १ मिनट में दोनों गुर्दों से प्रवाहित होता है तथा यह 1 मिलीलीटर प्रत्येक मिनिट के हिसाब से मूत्र में बदल जाता है |

Apr 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"स्वस्थ कौन है और हमेशा स्वस्थ कैसे रहें – आयुर्वेद की दृष्टि से"

"स्वस्थ कौन है और हमेशा स्वस्थ कैसे रहें – आयुर्वेद की दृष्टि से"

जो व्यक्ति तन और मन दोनों तरह से स्वस्थ रहता है वही व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ कहलाता है | तन से वह व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसमे बात पित्त और कफ सामंजस्य अवस्था में रहता है परन्तु तन से व्यक्ति जब तक स्वस्थ नहीं रह सकता जब तक वह मन से स्वस्थ न हो मन से वही व्यक्ति स्वस्थ रहता है जो सदाचारी हो सदाचारी वही व्यक्ति होता है जिसमे काम क्रोध लोभ जैसे महाभूतों पर स्वयं का नियंत्रण रहता है | शास्त्रों में लेख किया गया है की जो व्यक्ति कामी होता है उसका बात कुपित हो जाता है और जो व्यक्ति क्रोधी होता है उसका पित्त कुपित हो जाता है और लोभी व्यक्ति का कफ कुपित हो जाता है अतः सदाचारी व्यक्ति ही पूर्ण स्वस्थ रहने की कल्पना कर सकता है |

Apr 15, 2025
आरोग्य साधन
"मोटापा घटाने के आयुर्वेदिक उपाय – स्थायी वजन कम करें बिना साइड इफेक्ट के"

"मोटापा घटाने के आयुर्वेदिक उपाय – स्थायी वजन कम करें बिना साइड इफेक्ट के"

मोटापा एक प्रकार का रोग है,इसके होने के मुख्य दो कारण हैं - (1) आनुवंशिक अर्थात वंशगत| जिनके माता पिता मोटे होते हैं उनकी संतान प्रायः मोटी ही होती है| (2) भूख से खाना,शारीरिक श्रम न करना,आरामदायक जीवन व्यतीत करना| जो लोग खाना खाकर पड़े रहते हैं,उन्हें मोटापा आ जाता है| साधारणतः मोटापा की पहचान यह है की जितने इंच शरीर की ऊंचाई हो उतने किलो शरीर का बजन ठीक है| इससे अधिक होने पर “मोटा”और इससे कम होने पर पतला कहा जायेगा|

Apr 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"अनिद्रा (Insomnia) का आयुर्वेदिक इलाज – गहरी नींद पाने के प्राकृतिक उपाय"

"अनिद्रा (Insomnia) का आयुर्वेदिक इलाज – गहरी नींद पाने के प्राकृतिक उपाय"

अनिद्रा- नींद ना आना इस अवस्था मै रोगी की निद्रा मै कमी हो जाती है। कारण- नींद ना आना कितनी बार दूसरे रोग का लक्षण ही रहता है।इस विकार को उत्पन्न करने वाले अनेकों कारण है – (1)- रजोगुण युक्त,बात के अथवा पित्त्युक्त बात के प्रकोप से अनिद्रा रोग उत्पन्न होता है।

Apr 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"100% असरदार घरेलु नुस्खे – हर रोग के लिए आसान आयुर्वेदिक इलाज"

"100% असरदार घरेलु नुस्खे – हर रोग के लिए आसान आयुर्वेदिक इलाज"

सरलतापूर्वक प्रसव के लिए - हींग भूनकर चूर्ण बना लें,चार माशा शुद्ध गो - घृत में मिलाकर खिलाने से सरलतापूर्वक प्रसव होने में सहायता मिलती है | इसके अतिरिक्त एक तोला राई के चूर्ण में भुनी हुई हींग का चूर्ण मिलाकर गरम जल के साथ सेवन करने से मूढगर्भ आसानी से बाहर आ जाता है |

Apr 15, 2025
घरेलू नुस्खे
निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) का सम्पूर्ण मार्गदर्शक

निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) का सम्पूर्ण मार्गदर्शक

मानव शरीर प्रकृति की सबसे जटिल और अद्भुत मशीन है। इस मशीन को निरंतर चलाने के लिए रक्त का शरीर में संचार अत्यंत आवश्यक है, और यही कार्य करता है हमारा रक्तचाप (Blood Pressure)। अधिकतर लोग उच्च रक्तचाप को ही बड़ा खतरा मानते हैं, लेकिन निम्न रक्तचाप भी कई बार उतना ही परेशान करने वाला और खतरनाक सिद्ध हो सकता है, विशेषकर जब लक्षण बढ़ते हुए दिखाई दें। उच्च रक्तचाप को एक "छिपा हुआ सांप" कहा जाता है क्योंकि यह बिना लक्षणों के कई वर्षों तक शरीर को भीतर से कमजोर करता रहता है और अचानक किसी दिन बड़ा नुकसान पहुँचा देता है। इसके विपरीत, निम्न रक्तचाप अक्सर शुरुआत में हानिरहित लगता है, लेकिन जब यह लगातार बना रहे या बार-बार चक्कर आने, थकान, कमजोरी, बेहोशी की प्रवृत्ति पैदा करने लगे — तब यह शरीर में किसी गहरे असंतुलन या रोग का संकेत हो सकता है।

Apr 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"निरोग रहने के लिए 10 असरदार घरेलु नुस्खे – रोज़ अपनाएं स्वस्थ रहें"

"निरोग रहने के लिए 10 असरदार घरेलु नुस्खे – रोज़ अपनाएं स्वस्थ रहें"

(१) कान दर्द - प्याज पीसकर उसका रस कपडे से छान लें| फिर उसे गर्म कर के चार बूँद कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है | (२) दांत दर्द - हल्दी एवं सेंधा नमक महीन पीसकर,उसे शुद्ध सरसों के तेल में मिलाकर सुबह-शाम मंजन करने से दातों का दर्द ठीक होता है | (३) दातों के सुराख़ - कपूर को महीन पीसकर दातों पर ऊँगली से लगावें और उसे मलें | सुराखों को भली प्रकार से साफ़ कर लें| फिर सुराखों के नीचे कपूर को कुछ समय तक दबाकर रखने से दातों का दर्द निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है |

Apr 15, 2025
घरेलू नुस्खे
"कम्पवात (Parkinson's) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

"कम्पवात (Parkinson's) – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज"

शरीर के सभी अंगो के कम्प या केवल सिर के कम्पन को कंपवात कहते हैं| मिथ्या आहार-विहार तथा वात को प्रकुपित करने वाले कारणों से वात विकार उतपन्न होते हैं | आयुर्वेद में 80 प्रकार की वात व्याधियों का वर्णन मिलता है,जिनके कम्पवात भी सम्मिलित है | कम्प का शाब्दिक अर्थ है काँपना,जिसे साधारण बोलचाल की भाषा में हिलना या हिलते रहना ही कह सकते हैं | नाडीमंडल के द्वारा मनुष्य के सम्पूर्ण शरीर के अंग-प्रत्यंगो की चेष्टाओं का नियंत्रण होता है |

Apr 15, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"पक्षाघात (लकवा) – असाध्य बनने से पहले करें इलाज | Ayurvedic उपाय"

"पक्षाघात (लकवा) – असाध्य बनने से पहले करें इलाज | Ayurvedic उपाय"

मनुष्य के शरीर को लम्बाई में सिर से लेकर पैर तक के हिस्से को दो बराबर भागों में बाटने पर एक हिस्सा बायां भाग तथा दूसरा हिस्सा दायां भाग कहलाता है | इन दोनों भागों के किसी भी एक पक्ष की चेष्टाओं के नष्ट होने पर उसे पक्षाघात या अर्धंगबात कहते हैं| साधारण भाषा में इसे लकवा कहते हैं कारण- आयुर्वेद के मत से वात (वायु)को प्रकुपित करने वाले आहार विहार का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से वात दोष प्रकुपित होता है | यह प्रकुपित वायु शरीर के किसी भी एक पक्ष में आ

Apr 02, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"डेंगू बुखार: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Dengue Fever Ayurvedic Treatment"

"डेंगू बुखार: कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज | Dengue Fever Ayurvedic Treatment"

वर्षा ऋतू अपने साथ अनेक खुशियां लेकर आती है ,क्योंकि वर्षा ऋतू आगमन पर भीषण गर्मी से मुक्ति मिलती है , लेकिन जब वर्षा का अंत होता है और गुलाबी शीत ऋतू का प्रारम्भ होता है तो वर्षा के जल कारण मक्खी,मच्छर और दूसरे जीवाणु तेज़ी से उत्पन्न होते हैं| वर्षा के जल से भरे गड्ढों में मच्छर

Apr 02, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार
"क्या बुढ़ापा रोका जा सकता है? जानिए आयुर्वेद और विज्ञान का नजरिया"

"क्या बुढ़ापा रोका जा सकता है? जानिए आयुर्वेद और विज्ञान का नजरिया"

बुढ़ापा या बृद्धावस्था शरीर में होने वाला एक जीव वैज्ञानिक परिवर्तन है ,जिसमे युवावस्था के मुक़ाबले आदमी की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है,जब शरीर की मानसिक अवस्था कमजोर होने लगे,भार घटने लगे,त्वचा में झुर्रियां पड़ने लगे ,नज़र कमजोर होने लगे, बाल सफ़ेद होते जाएँ तो यह समझना चाहिए की शरीर बुढ़ा

Apr 02, 2025
आरोग्य साधन
"साइटिका (Sciatica): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक निवारण"

"साइटिका (Sciatica): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक निवारण"

पंचम कटिप्रदेशीय तथा प्रथम और द्वितीय कटिप्रदेशीय नाड़ी मूलों के मिलने से ग्रध्रसी नाड़ी ( sciatica nerve ) का निर्माण होता है | इन गाडी मूलों पर विकृति होने के फलस्वरूप साइटिका (sciatica ) की उत्पत्ति होती है | इस विकृति का कारण दुष्ट वात होती है ,जो नितम्ब,उ

Apr 02, 2025
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

Recent Posts

Fatty Liver Ka Safaya: 7 Dino Mein Liver Detox Karne Ka Complete Ayurvedic Guide

Feb 01, 2026
बीमारियां कारण,लक्षण एवं उपचार

AYURVEDIYAUPCHAR

At AyurvediyaUpchar, we are dedicated to bringing you the ancient wisdom of Ayurveda to support your journey toward holistic well-being. Our carefully crafted treatments, products, and resources are designed to balance mind, body, and spirit for a healthier, more harmonious life. Explore our range of services and products inspired by centuries-old traditions for natural healing and wellness.
आयुर्वेदीय उपचार में, हम आपको आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को समग्र कल्याण की ओर आपकी यात्रा में सहायता करने के लिए समर्पित हैं। हमारे सावधानीपूर्वक तैयार किए गए उपचार, उत्पाद और संसाधन स्वस्थ, अधिक सामंजस्यपूर्ण जीवन के लिए मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्राकृतिक उपचार और कल्याण के लिए सदियों पुरानी परंपराओं से प्रेरित हमारी सेवाओं और उत्पादों की श्रृंखला का अन्वेषण करें।

All categories
Flash Sale
Todays Deal